जैतपुर दौरे पर निकले शहडोल कलेक्टर सत्येंद्र सिंह को सड़क पर तड़पती मिली महिला, तो काफिला रुकवाकर खुद किया प्राथमिक उपचार। फिर समय पर एंबुलेंस न आ सकी, तो कलेक्टर ने प्राथमिक इलाज देकर खुद ही ले गए अस्पताल।
शहडोल/ मध्य प्रदेश के शहडोल जिला कलेक्टर ने अपने कार्यों के साथ-साथ इंसानियत की मिसाल भी पेश की है। दरअसल, कलेक्टर सत्येंद्र सिंह तहसील जैतपुर भ्रमण पर निकले थे। इस दौरान जैतपुर से पहले सड़क पर दुर्घटना में घायल हुई एक महिला दिखी, जिसे देखकर उन्होंने अपना वाहन रुकवाया। इस दौरान कलेक्टर ने देखा कि, सड़क हादसे में घायल हुई राजकुमारी कहार काफी चोटें आईं हैं। ऐसे में उन्होंने अपने वाहन से फास्ट एड बाॅक्स मगांया और खुद ही पीड़िता का प्राथमिक उपचार किया।
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समय पर नहीं पहुंच सकी एंबुलेंस तो खुद ले गए अस्पताल
काफिले के साथ भ्रमण पर जा रहे मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा.एमएस सागर ने तत्काल वाहन से उतरकर राजकुमारी को प्राथमिक उपचार देने में कलेक्टर का सहयोग किया। इस बीच अनु विभागीय अधिकारी राजस्व जैतपुर धर्मेन्द्र मिश्रा ने एम्बुलेंस को तत्काल फोन कर घटना स्थल पर आने को कहा, लेकिन एंबुलेस आने में समय लगने पर कलेक्टर के आदेश पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बुढार के वाहन में बैठाकर एंबुलेंस का इंतजार किये बगैर तत्काल प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र जैतपुर अपने साथ ले गए। जहां पर घायल राजकुमारी को तत्काल चिकित्सालय में भर्ती कराकर उसका उपचार शुरू करवाया।
राजकुमारी ने जताया कलेक्टर का आभार
राजकुमारी कहार पति राजू कहार निवासी ग्राम पड़मानियां तहसील सोहागपुर अपने निजी आवश्यक कार्य से यात्रा कर रहे थे। इसी बीच दूसरी बाइक से टकराकर दुर्घटना ग्रस्त हो गए। हादसे में पति राजू कहार और अन्य वाहन चालक को तोमामूली चोटें आई थी, पर राजकुमारी को इस हादसे में अधिक चोटें आईं थी। राजकुमारी का कहना है कि, लॉकडाउन के दौरान जहां हमें इस तरह उपचार मिलने की उम्मीद नहीं थी, वहां कलेक्टर साहब ने किसी देवता की तरह पहुंचकर हमारी मदद की है।