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शहडोल- प्रदेश सरकार की झूंठी घोषणाओं व खोखले दावों के चलते प्रदेश का किसान आर्थिक संकट से जूझ रहा है। कर्ज में डूबे किसान के पास अब आत्महत्या करने के सिवा कुछ भी नहीं बचा है। किसानों द्वारा आत्महत्या किए जाने के सबसे ज्यादा मामले अपने ही प्रदेश में सामने आ रहे हैैं।
एक ओर प्रदेश के मुख्यमंत्री कृषि कर्मण्य पुरस्कार ले रहे हैं तो दूसरी ओर यहां के किसान भूंखे मरने की कगार पर पहुंच गए हैं। उक्त बातें किसान कलश यात्रा के साथ शहडोल पहुंचे किसान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश गुर्जर ने सभा को संबोधित करते हुए कहीं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसानों के साथ सिर्फ और सिर्फ छलावा किया जा रहा है। खरीदी केन्द्रो में किसानों से एसएमएस भेजने व जल्दी ढ़ुलाई के पैसे लिए जा रहे हैं। इतना ही नहीं उनके अनाज के वजन में भी हेर-फेर की जा रही है। अभी तक किसानों का कर्जा माफ नहीं किया गया है जिसके चलते किसान अपने आप को छला सा महसूस कर रहा है और इसी कर्ज के बोझ तले दबा किसान आत्महत्या जैसे आत्मघाती कदम उठाने के लिए बाध्य है।
यदि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आती है तो किसानों की समस्याओं का समाधान व उन्हे कर्ज से मुक्ति दिलाना उनकी सबसे पहली प्राथमिकता हेागी। प्रदेश सरकार ने किसानों से वायदे तो बहुत किए थे लेकिन उनमें से एक भी वायदे में वह खरा नहीं उतर पाई है। समर्थन मूल्य पर खरीदी के नाम पर किसानों को छला जा रहा है।
सडक़ बिजली व पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं से प्रदेश का किसान आज भी कोसों दूर है। ऐसे में यह सरकार किसान हितैशी कैसे हो सकती है। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से होकर शहडोल पहुंची किसान कलश यात्रा का जयस्तंभ में भव्य स्वागत किया गया। साथ ही जयस्तंभ में एक सभा का आयोजन किया गया।
जिसमें किसान कंाग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष दिनेश गुर्जर के साथ रीवा के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष गुरमीत सिंह मंगू, दिलीप गौतम, हरिगोविन्द तिवारी, कुंवर सिंह, राजेन्द्र सोलंकी के अलावा स्थानीय स्तर पर कुलदीप निगम, सुभाष गुप्ता, अजय अवस्थी, उमा धुर्वे, कमला सिंह, सुनीता सिंह, प्रमोद जैन पम्मू, ध्यान सिंह, हरिमोहन तिवारी के साथ अन्य कांग्रेस के पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।