
बनने गई थी कंम्प्यूटर इंजीनियर, संघर्ष किया और बना ली बॉलीवुड में पैठ
शहडोल- कहते हैं न प्रतिभा किसी का मोहताज नहीं होती, उसे तो बस एक मौके कि तलाश होती है। कुछ ऐसी ही कहानी है प्रकृति शर्मा की, जो बनने गईं थीं कंम्प्यूटर इंजीनियर, लेकिन संघर्ष किया कड़ी मेहनत की और बन गईं एक्टर, छोटे से शहर से जाकर बॉलीवुड में बना ली अपनी एक अलग ही पहचान।
प्रतिभाओं को निखारने के लिए बस एक मौके की जरूरत होती है। शहर से कम्प्यूटर इंजीनियर बनने के लिए इंदौर गई प्रकृति ने पांच साल के भीतर बॉलीवुड में पैठ बना ली है। पहले नामकरण सहित कई टीवी सीरियलों में किरदार निभाया, अब जल्द ही फिल्म में सीआईडी अफसर के किरदार में नजर आने वाली हैं।
प्रकृति शर्मा इसके पहले दो फिल्मों में भी काम कर चुकी हैं। प्रकृति शर्मा ने कुछ समय तक पंडित शंभूनाथ शुक्ल कॉलेज में पढ़ाया, लेकिन मॉडलिंग का जुनून था। परिवार के लोगों ने कम्प्यूटर में स्पेशलाइजेशन करने के लिए इंदौर भेज दिया था लेकिन यहां पर भी जुनून खत्म नहीं हुआ। संघर्ष किया, कई ऑडिशन दिया, कई शो में भी हिस्सा लिया। हौंसलों को उड़ान मिली तो बॉलीवुुड में अपनी जगह बना ली।
बहुत ही कम समय में प्रकृति सीरियल और फिल्मों में भी काम कर चुकी हैं। प्रकृति शहर के राजेन्द्र शर्मा और शीला शर्मा की पुत्री हैं। हाल ही में गुश्ताखइश्क फिल्म में काम कर चुकी हंै। जल्द ही एक अन्य फिल्म में सीआईडी के रूप में नजर आने वाली हैं।
लोग कहते थे करने दो, खुद वापस आ जाएगी
एक स्टूडेंट, शिक्षका से फिर बॉलीबुड तक पहुंचने में प्रकृति का जीवन बेहद संघर्ष और चुनौतियों से भरा रहा। प्रकृति के अनुसार जब बॉलीवुड में जाने का प्रयास किया तो लोग ताने देते थे। परिवार वालों से पूछते थे बेटी क्या कर रही है बाहर, पापा कहते थे मॉडलिंग कर रही है तो लोग हंसते थे। कहते थे करने दो कुछ दिन बाद खुद वापस घर आ जाएगी।
प्रकृति ने बताया कि बाहर रखकर खुद को बॉलीवुड में पहुंचाने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा। सुबह भूखे घर से निकल जाते थे, दिनभर कुछ नहीं खाते थे। जूनुन था कि शो और ऑडिशन पूरा होने के बाद ही कुछ खाना है। कई बार निराश होकर घर लौट आती थीं। लेकिन हिम्मत नहीं हारीं और आखिर में जाकर उन्हें सफलता मिल ही गई। और अब बॉलीवुड में उनके पास अभी बड़े-बड़े ऑफर हैं।
Published on:
24 May 2018 12:14 pm
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