एंबुलेंस 108 के कर्मचारियों ने दिखाई मानवीयता, जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित
शहडोल. दिल में अगल मानवीयता और दया के लिए कहीं जगह है तो बड़ी से बड़ी मुसीबत को भी टाला जा सकता है। ऐसा ही एक काम यहां के एंबुलेंस कर्मियों ने बुधवार को कर दिखाया। उन्होंने दर्द से तड़प रही प्रसूता की मदद की। जब दर्द असहनीय हो रहा था तो एंबुलेंस कर्मचारियों ने गाड़ी को सड़क किनारे रोककर प्रसव करा दिया। इसके बाद जच्चा-बच्चा को अस्पताल पहुंचाया। अब जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। एंबुलेंस कर्मचारियों के इस काम की सराहना की जा रही है।
जयसिंहनगर के निगाही गांव में अस्पताल ले जाते वक्त एक प्रसूता की हालत काफी खराब हो गई। एंबुलेंस 108 के कर्मचारियों ने सूझबूझ का परिचय दिखाते हुए प्रसूता का सड़क किनारे ही प्रसव करा दिया। जच्चा बच्चा दोनों की हालत अब स्वस्थ्य है। ग्राम निगाही की महिला रामकली सिंह पति मेला सिंह को अचानक प्रसव पीड़ा होने पर 108 को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही 108 एंबुलेंस के दिलीप दुबे पहुंचे और प्रसूता को लेकर जयसिंहनगर अस्पताल जा रहे थे लेकिन बीच में ही हालत काफी खराब हो गई। अचानक रास्ते में प्रसव पीड़ा ज्यादा होने के कारण दिलीप दुबे ने अपनी सूझबूझ के साथ वाहन को सड़क के किनारे खड़ा कराया। इसके बाद एंबुलेंस में ही प्रसूता का सुरक्षित प्रसव कराया। स्वास्थ्यकर्मी दिलीप दुबे के अनुसार जच्चा एवं बच्चा दोनों स्वस्थ हैं एवं उन्हें जयसिंह नगर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पहले कलेक्टर कर चुकीं हैं सम्मानित
इसी तरह का वाकया लगभग दो महीने पहले हुआ था। तब भी एंबुलेंस कर्मियों ने अपनी तत्परता दिखाते हुए सड़क किनारे ही प्रसव कराया था। इसके बाद जच्चा-बच्चा दोनों को अस्पताल लाकर भर्ती कराया था, इससे दोनों की जान बच गई थी। एंबुलेंस कर्मियों के इस काम को लेकर कलेक्टर ने एक सार्वजनिक समारोह में दोनों को सम्मानित भी किया था और उनके काम की प्रशंसा की थी।