कलेक्टर को दिया सात दिन का अल्टीमेटम, डाइट के 37 कर्मचारियों को नहीं मिला फरवरी माह का वेतन
शहडोल. डाइट एवं इससे संबंधित संस्थान के 37 कर्मचारियों को ने फरवरी माह का वेतन की मांग को लेकर कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि यदि सात दिनों के भीतर उन्हे वेतन नहीं मिला तो वह कलेक्ट्रेट स्थित नीम के पेड़ के नीचे सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखते हुए अनशन करेंगे। डाईट से संबंधित संस्थानों में जिला प्रौढ़ शिक्षा अधिकारी, शासकीय अर्बन बेसिक स्कूल और शासकीय प्राथमिक पाठशाला सिंधी भाषा भाषी शहडोल शामिल है। ज्ञापन में 20 कर्मचारियों ने अपने हस्ताक्षर कर फरवरी माह का वेतन दिलाए जाने की मांग की है।
आहरण संवितरण के अधिकार की स्थिति स्पष्ट न होने से निर्मित हुई समस्या
शहडोल. जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण केन्द्र शहडोल में कार्यरत कर्मचारियों के वेतन आहरण संवितरण के अधिकार को लेकर स्थितियां स्पष्ट नहीं हो पाई है। जिसका खामियाजा यहां कार्यरत कर्मचारियों के साथ ही दो अन्य विद्यालय व प्रौढ़ शिक्षा केन्द्र के कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि उक्त सभी शैक्षणिक संस्थान में कार्यरत कर्मचारी लगभग तीन माह से बिना वेजन के ही अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इस संकट की घड़ी में तीन माह से वेतन न मिल पाने की वजह से आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं। उनकी इस समस्या के समाधान को लेकर अभी तक कहीं से कोई भी ठोस पहल नहीं की गई है।
क्या है मामला
जानकारी के अनुसार फरवरी माह में तत्तकालीन कलेक्टर द्वारा डाईट प्राचार्य को हटाकर उनकी जगह डाईट का प्रभार जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपा था। इस बीच जिला शिक्षाअधिकारी द्वारा भी स्वतंत्र रूप से कार्य नहीं किया जा रहा था। साथ ही आहरण संवितरण का कार्य भी सही ढंग से नहीं किया जा रहा था। जिसके चलते जिला शिक्षा अधिकारी की जगह जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण केन्द्र का प्रभारी प्राचार्य वहां के वरिष्ठ व्याख्याता को बनाया गया था। बताया जा रहा है कि इस बीच तत्कालीन प्राचार्य ने न्यायालय से स्टे प्राप्त कर लिया। जिसके बाद से स्थितियां स्पष्ट नहीं हो पाई और इसका खामियाजा कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है।
कहां कितने कर्मचारी प्रभावित
बताया जा रहा है कि जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण केन्द्र के अधीन कार्य कर रहे लगभग 43 कर्मचारियों को फरवरी माह से वेतन नहीं मिला है। जिसमें जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण केन्द्र के लगभग 25 कर्मचारी, सिंधी भाषा भाषी विद्यालय के 05, अर्बन बेसिक स्कूल के 9 व प्रौढ शिक्षा केन्द्र के 4 कर्मचारियों को तीन माह से वेतन नहीं मिल पाया है।
प्रशासन के समक्ष पहुंचा था मामला
कर्मचारियों का वेतन आहरण न होने का यह मामला जिला प्रशासन के समक्ष भी पहुंचा था। विडम्बना यह है कि इस संकट की घड़ी में जिला प्रशासन भी कर्मचारियों की इस समस्या का समाधान नहीं कर पाया है। जिसके चलते अब कर्मचारी परेशानी के दौर से गुजर रहे हैं।