बांधवगढ़ लाने से पहले किया गया था ट्रैंकुलाइज,विभाग में हड़कम्प, चार हाथी पहले ही बांधवगढ़ किए जा चुके थे शिफ्ट, आखिरी हाथी बचा था कैंप में जिसे भेजा जाना था बांधवगढ़
शहडोल/सीधी. जिले के देवलोंद में उत्पात मचाने वाले पांच बिगड़ैल हाथियों में से एक की शनिवार-रविवार की रात मौत हो गई। 15 वर्षीय हाथी की मौत की वजह अभी स्पष्ट नहीं, पर विभागीय सूत्र बताते हैं कि ट्रैंकुलाइज करने के बाद से ही वह बीमार था। उसे घोघी शिविर में रखा गया था और रविवार को बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व ले जाने की तैयारी चल रही थी। इसके पहले ही उसने दम तोड़ दिया।
शव का पीएम कराने के बाद दफना दिया जाएगा। हाथी की मौत के बाद विभाग में हड़कम्प मचा है। देवलोंद क्षेत्र में उत्पात मचाने के बाद चार अगस्त को हाथियों का झुंड सीधी कुसमी जनपद के ग्राम कुंदौर पहुंचा था। यहां जमकर उत्पात मचाया था, जिसके बाद परेशान ग्रामीणों ने धरना प्रदर्शन किया था।
मुख्य वन जीव अभिरक्षक के अनुमोदन पश्चात अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी भोपाल ने गत 4 सितम्बर को हाथियों का वन क्षेत्र से रेस्क्यू कर बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व उमरिया में क्राल बनाकर रखने का निर्देश दिया। इसके बाद बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक मृदुल पाठक के नेतृत्व में हाथियों को ट्रैंकुलाइज करने का रेस्क्यू ऑपरेशन 12 दिन चला। पांचों हाथियों को ट्रैंकुलाइज किया गया। चार हाथी बांधवगढ़ शिफ्ट कर दिए गए जबकि अंतिम हाथी को रविवार को ले जाने की तैयारी थी। हाथियों को ट्रैंकुलाइज करने के बाद शासकीय प्राथमिक शाला घोघी जनपद मझौली में बनाए गए रेस्क्यू ऑपरेशन शिविर में रखा गया था। शिविर में ही बीमार हाथी की मौत हो गई।
हाथी मचा रहे थे उत्पात
रेस्क्यू किए जाने से पहले हाथी सीधी और शहडोल जिले में काफी उत्पात मचा रहे थे। इन हाथियों ने शहडोल जिले के बाणसागर इलाके में काफी उत्पात मचाया था। कई घरों को फोड़ डाला था। इसके अलावा एक व्यक्ति की हत्या कर दी थी और एक को घायल कर दिया था। कई दिन तक इन हाथियों ने काफी उत्पात मचाया था। इसके बाद बांधवगढ़ की टीम ने मौके पर पहुंचकर हाथियों को काबू किया था। इनको काबू करने के लिए एक हाथी को ट्रैंकुलाइज भी किया गया था। जिस हाथी को ट्रैंकुलाइज किया गया था, उसकी मौत हो गई।
हाथी की मौत किस वजह से हुई, पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। चार हाथी बांधवगढ़ भेजे जा चुके हैं। यह अंतिम था, जिसे रविवार को ले जाना था।
बृजेन्द्र झा, वन मंडलाधिकारी सीधी।