
Encroachments Removed :मध्य प्रदेश के शहडोल नगर पालिका ने फुटपाथ से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की है। जेल बिल्डिंग से लेकर जयस्तंभ चौक के बीच चले इसे अतिक्रमण विरोधी अभियान में अस्थाई दुकानों को हटाने के साथ ही फुटपाथ और सड़क किनारे रखे ठेलों की जब्ती और पक्के निर्माण को तोड़ने की कार्रवाई की गई। इस दौरान नगर पालिका अमले को विरोध का भी सामना करना पड़ा। कार्रवाई में नगर पालिका का पूरा राजस्व अमला मौजूद रहा।
उल्लेखनीय है कि, पैदल चलने के लिए सड़क किनारे गए फुटपाथ पर पूरी तरह से कब्जा कर लिया गया था। इसे लेकर आए दिन शिकायतें प्राप्त हो रही थी। नगर पालिका के एनाउंसमेंट के बाद भी दुकान संचालक और अतिक्रमण कारी फुटपाथ खाली नहीं कर रहे थे। इसे लेकर मुख्य नगर पालिका अधिकारी के आदेश पर नगर पालिका के राजस्व अमले ने बुधवार को अभियान चलाकर फुटपाथ से कब्जा हटाने की कार्रवाई की है।
जेल बिल्डिंग के समीप कुछ कपड़ा व्यवसायियों ने गर्म कपड़ों की दुकान खोल ली थी। इसे लेकर नगर पालिका के अमले ने तीन दिन पूर्व दुकान हटाने के लिए कहा था। इसे लेकर एनाउंसमेंट भी कराया था। इसके बाद भी दुकानें नहीं हटाई गई। बुधवार को नगर पालिका का अमला मौके पर कार्रवाई करने पहुंचा तो स्थानीय लोगों ने कार्रवाई का विरोध करना प्रारंभ कर दिया। विरोध के बीच नगर पालिका ने दुकानों को वहां से हटवा दिया।
राजेन्द्र टॉकीज चौक से जयस्तंभ चौक मार्ग में बिरयानी दुकान संचालक के पक्के निर्माण को तोडऩे के दौरान विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। दुकान संचालक निजी भूमि बताते हुए विवाद पर उतारू हो गया। इस बीच नगर पालिका व दुकान संचालक के बीच गहमा गहमी का माहौल निर्मित हो गया। इस बीच नगर पालिका के अमले ने जेसेबी से पक्का निर्माण व फुटपाथ पर रखे ठेले को वहां से हटा दिया।
कार्रवाई के दौरान नगर पालिका की टीम ने जेल बिल्डिंग से जयस्तंभ चौके बीच दुकानों के सामने कराए गए निर्माण कार्यों को तोडऩे की कार्रवाई की है। बताया जा रहा है कि दुकान संचालकों ने दुकान से बाहर फुटपाथ पर सीढिय़ों व चबूतरों का निर्माण करा लिया था। इसके चलते लोगों को पैदल चलने में समस्या होती थी। इसे देखते हुए फुटपाथ में कराए गए 50 से अधिक निर्माण कार्यों को तोड़ने की कार्रवाई की गई। इस दौरान जिला अस्पताल के आगे भी एक दुकान संचालक ने नगर पालिका की कार्रवाई को लेकर विरोध जताने का प्रयास किया, हालांकि बाद में मामला शांत हो गया।
अतिक्रमण विरोधी अभियान को लेकर नगर पालिका ने प्रशासन व पुलिस विभाग से पुलिस बल की मांग की थी। इसके बाद भी उन्हे पुलिस बल उपलब्ध नहीं कराया गया। नगर पालिका के अमले को बिना पुलिस के ही पूरी कार्रवाई करनी पड़ी। कार्रवाई में इंजीनियर सुखेन्द्र सिंह तोमर, मोतीलाल सिंह, मयंक मिश्रा, दमकल विभाग की टीम के साथ ही नगर पालिका का राजस्व अमला मौजूद रहा।