शहडोल

बच्ची के जलने के बाद ये हुई थी गड़बड़ी, अब हो गई मौत

स्कूल में चूल्हा जलाते वक्त खौलती दाल से झुलसी थी पांच साल की मासूम, जबलपुर गई थी इलाज के लिए

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Aug 29, 2018
बच्ची के जलने के बाद ये हुई थी गड़बड़ी, अब हो गई मौत

शहडोल. जिला अस्पताल में चार दिन तक बर्न यूनिट में पांच साल की मासूम सुहासिनी आग से झुलसने के बाद मौत से लड़ती रही और अंतत: मंगलवार को हार मान ली। जलने के बाद शरीर में इंफेक्शन फैलने की वजह से बेहतर इलाज के बावजूद सुहासिनी को बचाया नहीं जा सका। एमडीएम की खौलती हुई दाल में झुलसी सुहासिनी लापरवाही का शिकार हो गई। डॉक्टर्स के अनुसार शरीर में अंदरूनी हिस्सों में इंफेक्शन फैल गया था, जिससे बचा पाना मुश्किल था। रविवार की रात को को डॉक्टरों की टीम ने जिला अस्पताल से सुहासिनी को जबलपुर के लिए रेफर किया था। सुहासिनी को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था लेकिन तमाम प्रयासों के बाद भी दम तोड़ दी। गौरतलब है कि भर्राटोला निवासी बैशाखू बैगा की 4 साल 6 माह की बच्ची सुभासिनी बैगा गत 23 जून को आंगनवाड़ी केन्द्र पहुंची तो वहां पदस्थ कार्यकर्ता ने उसे मध्यान्ह भोजन के लिए स्कूल में भेज दिया। जब सुभासिनी विद्यालय पहुंची तो वहां भोजन बन रहा था। शिक्षका द्वारा चूल्हा जलाने के लिए भेजा गया था। इसी दौरान अचानक चूल्हे से खौलती दाल सुहासिनी के ऊपर आ गिरी। सुहासिनी इस दौरान 60 फीसदी झुलस गई थी। जिसे जिला अस्पताल में गुपचुप तरीके से भर्ती कराया दिया गया था। मामले में महिला एवं बाल विकास अधिकारी ने हाल ही में सुपरवाइजर और कार्यकर्ता से जबाव भी मांगा है।


पहले ट्रीटमेंट शुरू होता तो बच सकती थीे मासूम की जान
सुहासिनी की मौत लापरवाही और अनदेखी की वजह से हुई है। बिना अधिकारियों को सूचना के जिला अस्पताल में भर्ती करके छोड़ चले गए थे। सुहासिनी गुरूवार से शनिवार तक जिंदगी मौत से जूझती रही। यहां बर्न यूनिट में तो भर्ती कर दिया गया था लेकिन न तो वॉटर और एयर बेड था न ही संक्रमण से बचाव। शरीर में जलने के बाद इंफेक्शन फैलता गया। शनिवार की रात को अधिकारियों को मीडियाकर्मियों ने जानकारी दी। जिसके बाद कलेक्टर और परियोजना प्रशासक बैगा विकास अधिकरण ने गंभीरता से लेते हुए रेफर कराया लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।


पत्रिका व्यू: अब अफसरों की टूटेगी कुभकर्णी नींद, होंगे निर्देश
घटना दुर्घटना के बाद अक्सर अधिकारियों की कुभकर्णी नींद टूटती हैं। लगातार बैठकों का सिलसिला चलेगा। आदेश निर्देश होंगे। निरीक्षण होगा लेकिन कुछ समय बाद फिर स्थिति पुराने ढर्रे पर पहुंच जाएगी। पूर्व में अधिकारियों ने समस्त छात्रावास और स्कूलों में सिलेंडर से खाना बनाने के निर्देश दिए थे, बावजूद स्कूल में चूल्हे में खाना पक रहा था। आखिर कब तक यू हमारे अफसर कुभकर्णी निद्रा में सोते रहेंगे।

दोषियों के विरुद्ध हो सख्त कार्रवाई
जोधपुर हर्राटोला विद्यालय में घटित घटना के मामले में चिकित्सक द्वारा एमएलसी न कराए जाने के मामले को लेकर युवक कांग्रेस द्वारा पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा गया है। जिसमें कहा गया है कि जिला चिकित्सालय में इलाज के लिए भर्ती कराई गई सुभाषिनी बैगा के एडमिट कार्ड में स्पष्ट शब्दों में एमएलसी की बात लिखी गई थी। इसके बाद भी ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सको ने इस मामले की तहरीर न तो अस्पताल चौकी को भेजी और न ही संबंधित थाने को। ड्यूटी डाक्टरों ने उक्त तहरीर 4 दिन बाद २६ अगस्त को पुलिस को भेजा। युकां ने आरोप लगाया है कि जिला चिकित्सालय में मामले को दबाने का प्रयास किया गया है। जिसे देखते हुए यूकां द्वारा मांग की गई है कि मामले में दोषी अधिकारी कर्मचारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। बच्ची के परिजनो को शासन द्वारा आर्थिक सहायता मुहैया कराई जाए। ज्ञापन सौंपते समय प्रदेश महासचिव अजय अवस्थी, युकां जिलाध्यक्ष अनुज मिश्रा, राजीव शर्मा, सुमित गुप्ता, पूर्व नगर अध्यक्ष कांग्रेस कमेटी पीयूष शुक्ला, अभिषेक मिश्रा, प्रभात पाण्डेय, त्रिभुवन नाथ त्रिपाठी, अखिलेश मिश्रा, अंकुश सेन, विवेक तिवारी व अन्य लोग शामिल रहे।

Published on:
29 Aug 2018 11:52 am
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