यहां के प्राकृतिक सौंदर्य का मजा लीजिए, साथ में यहां के स्पेशल डिश का लुत्फ उठाइए
शहडोल- ठंड का मौसम, और इस मौसम में ट्राइबल बेल्ट में घूमने का आनंद ही कुछ होता है। ट्राइबल बेल्ट शहडोल संभाग और उसके आसप-पास के वादियों का नजारा और यहां के पर्यटन स्थल की बात ही कुछ और है। साथ में ट्राइबल बेल्ट के जायके का आनंद लिए बिना तो आप रह नहीं सकते हैं। क्योंकि यहां का जायका भी अपने आप में बहुत खास है।
पर्यटन के हिसाब से शानदार है ये बेल्ट
अगर आप घूमने के शौकीन हैं और आप हर ठंड में कहीं ना कहीं घूमना पसंद करते हैं तो इस बार क्यों ना शहडोल संभाग को आप पर्यटन स्थल के तौर पर चुनें। क्योंकि अगर आप शहडोल आते हैं तो यहां से एक साथ कम पैसे में कमस य समय में कई जगह का आनंद तो ले ही सकते हैं साथ ही इस ठंड के मौसम में आदिवासियों के स्पेशल डिश का भी आनंद ले सकते हैं। जिसे आप कभी भुला नहीं सकेंगे।
अमरकंटक है शानदार पर्यटन स्थल
अगर आप को कड़ाके की ठंड पसंद है जंगल की वादियां पसंद हैं पहाडिय़ां पसंद हैं मंदिर पसंद है जलधारा पसंद है तो फिर आपके लिए ये बिल्कुल परफेक्ट जगह है। अमरकंटक शहडोल संभाग के अनुपपुर जिले में है। सतपुड़ा विंध्य और मैकल पर्वत श्रेणियों का संगम आपको यहां देखने को मिलेगा। अमरकंटक देश की दो प्रमुख नदियों नर्मदा और सोन नदी के उ्दगम स्थल के तौर पर लोकप्रयि है, नर्मदा को देश की सबसे पवित्र नदियों में से एक कहा जाता है। अमरकंटक सालभर पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। यहां सिर्फ तीर्थ यात्री ही नहीं बल्कि घूमने फिरने वाले लोग भी आते हैं। ये केवल धार्मिक स्थल ही नहीं बल्कि मध्यभारत का खूबसूरत हिल स्टेशन भी है।
अमरकंटक टीक और महुए के विविध प्रकार के औषधीय पौधों, सुंदर झरनों और हरी भरी पहाडिय़ों से घिरा है। जो पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है यहां के बायो रिजर्व को यूनेस्को ने अपनी सूची में शामिल किया है। यहां भ्रमण के लिए किसी भी मौसम में जाया जा सकता है।
अमरकंटक प्रमुख दर्शनीय स्थल
माता नर्मदा मंदिर यहां की प्रमुख मंदिर है। जहां मंदिर के सामने के कुंड से नर्मदा नदी का उद्गम होता है। इस परिसर में बहुत सारे मंदिर हैं इसी परिसर में छोटे हाथी से निकलना भी नहीं भूलिएगा। यहां के लोग इसे बहुत शुभ मानते हैं। इसके अलावा कलचुरी काल के प्राचीन मंदिर एवं खूबसूरत पत्थरों की नक्कासी से सुशोभित मंदिर कल्चुरी राजा कर्मा देव ने बनवाए थे। नागर शैली के इन मंदिरों में शिव मंदिर, पातालेश्वर मंदिर और कर्ण मंदिर प्रमुख हैं। इसका संरक्षण पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग करता है।
कबीर चबूतरा और कबीर तालाब भी यहां की रमणीय पर्यटन स्थल है सोनमुड़ा स्थान सोन नदी के उद्गम स्थल के रुप में जाना जाता है। कपिल धारा और दूध धारा यहां के मनमोहक झरने हैं। जो नर्मदा नदी पर हैं। कपिल धारा में 24 मीटर की उंचाई से पानी गिरता है। वहीं दूध धारा में पानी दूध के समान दिखाई पड़ता है । इसीलिए इसे दुग्ध धारा कहते हैं।
कड़ाके की ठंड के साथ यहां का जायका भी शानदार
ट्राइबल बेल्ट में आदिवासी पेय पदार्थ पेज के जायके के आगे फाइव स्टार होटलों की सूप भी फेल हो जाएगी बस एक बार आकर इसे टेस्ट तो करिए इस एरिया में आने के बाद पताली की चटनी, मक्का-बाजरा की रोटी और चने की भाजी का भी आनंद लीजिए जिसेे यहां ट्राइबल बेल्ट के लोग बड़े ही चाव के साथ खाते हैं। और हां यहां जिस अंदाज में इसे बनाया जाता है वो शानदार रहता है। और इस ठंड में इस जायके के औषधीय महत्व भी होते हैं।
अमरकंटक के अलावा भी कई पर्यटन स्थल हैं यहां
शहडोल संभाग आने के बाद आप अमरकंटक के अलावा उमरिया जिले के बांधवगड़ का मजा ले सकते हैं। जो शहडोल से ज्यादा दूरी पर नहीं है। यहां बांधवगढ़ का नेशनल पार्क सबसे बड़ा पर्यटन का केंन्द्र है। इसके अलावा डिंडोरी भी यहां से ज्यादा दूर नहीं है। यहां पर नेशनल फोसिल पार्क, कुक्कड़मठ, शिव मंदिर, कपिलधारा कला, एंपोरियम, कपिल धारा झरना, डगोना झरना, दवनाला गुफा भी पर्यटन के नजरिए से शानदार है। डिंडोरी से कुछ ही दूरी पर मंडला में कान्हा नेशनल पार्क भी घूम सकते हैं।