इस बार केवल सांसद कर रहे भागदौड़, क्या इस बार हो पाएगा काम
शहडोल. आजादी के बाद से संभाग के लोग रेल सुविधाओं की मांग को लेकर लगातार आन्दोलन करते रहे हैं, लेकिन संभाग की लगभग 24 लाख से अधिक आबादी को अब तक ट्रेन की सुविधाएं नहीं मिली हैं।
चिकित्सा और व्यापार तथा शिक्षा सुविधाओं को लेकर संभाग की जनता ने वर्ष 2002 में सबसे बड़ा आन्दोलन 2 जून को किया था, जिसमें संभाग के 13 रेलवे स्टेशनों में एक साथ संभाग के लोगों ने रेल रोको आन्दोलन किया और लगभग 535 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल की सलाखों में डाला था, यह आन्दोलन आजादी के बाद का सबसे बड़ा सर्वदलीय आन्दोलन था, जिसमें लोगों ने जेल की परवाह नहीं करते हुए एक जुटता का परिचय दिया।
आन्दोलन में पुरुष ही नहीं बल्कि संभाग की हर दल की महिलाएं भी सामने आई थीं, लेकिन 15 साल बीतने के बाद भी संभाग के लोगों को नागपुर सहित अन्य महानगरों के लिए सीधी ट्रेन की सुविधा नहीं मिली। 2002 में ही उत्कल कलिंगा एक्सप्रेस को अमृतसर तक के लिए बढ़ाया गया था, जिससे उत्कल ट्रेन अक्सर लेट आती थी, जिसका लोगों ने जमकर विरोध किया था।
मुख्यालय में 102 लोग हुए थे गिरफ्तार
संभाग में रेल सुविधाओं के लिए किए गए सर्वदलीय आन्दोलन में संभागीय मुख्यालय में लगभग 102 महिलाओं और पुरुषों ने गिरफ्तारियां दी थीं, इस दौरान बिलासपुर से डीआरएम को आना पड़ा था और सात सदस्यीय दल के बीच समझौता हुआ उसके बाद रीवा के जिए दो ट्रेन तो मिल गई, लेकिन आज भी नागपुर के लिए सीधी ट्रेन की सुविधा की दरकार बनी हुई है। गौरतलब है कि 2 जून 2002 को किए गए आन्दोलन के दौरान पूर्व सांसद राजेश नंदिनी सिंह को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया था, जबकि उनके पति स्वर्गीय दलबीर सिंह सेन्ट्रल में वित्त मंत्री थे। इतना ही नहीं गिरफ्तारी में संभाग के कई बड़े लोग पद्यनाभिपति त्रिपाठी, स्व्तंत्रता संग्राम सेनानी कैलाशचन्द्र अग्रवाल, कृष्णचन्द्र चतुर्वेदी, दुर्गा यादव, राकेश कटारे, सिकंदर खान, श्यामबाबू जयसवाल, सुमनलता अग्रवाल, श्यामसुन्दर अग्रवाल, कमला सिंह, जगदीश सराफ, सहित अन्य लोग और विभिन्न पार्टियों के कार्यकर्ता शामिल थे।
उपभोक्ता अधिकार संगठन रेल मंत्री को सौंपेगा ज्ञापन
शहडोल। उपभोक्ता अधिकारी संगठन की बुधवार की आवश्यक बैठक जिला अध्यक्ष मृत्युंजय सिंह की उपस्थिति में आयोजित की गई। बैठक में मुख्य रूप से दो बिंदुओ पर चर्चा की गई साथ ही एक प्रतिनिधि मंडल का भी गठन किया गया।बैठक में निर्णय लिया गया कि गठित किया गया प्रतिनिधि मण्डल दिल्ली जायेगा जहां वह रेल मंत्री से मुलाकात कर मांग पत्र सौंपेगा। जिसमें नागपुर के लिये सीधे ट्रेन चलाने के साथ ही शहडोल रेलवे स्टेशन में रोप वे व डिस्पले बोर्ड की मांग रखी जायेगी। साथ ही बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि फरवरी माह में उपभोक्ता अधिकारी संगठन द्वारा अमरहा स्थित राजपूत विद्यालय में उपभोक्ता जागरुकता शिविर का आयोजन करेगा। जिसके माध्यम से छात्रों को जागरुक करने का प्रयास किया जायेगा।