शनिवार को की गई पड़ताल में सामने आया कि सफाई के नाम पर सिर्फ छलावा किया गया है। जल की एक-एक बूंद बचाने का संकल्प लेने वाला प्रशासन महज औपचारिकता निभा रहा है। जनप्रतिनिधि और अधिकारी फोटो खिंचवाने तक सीमित हैं, जबकि जलस्रोत नारकीय स्थिति में हैं।
मोहनराम तालाब: कुछ दिन पूर्व यहां सफाई का दावा किया गया था, लेकिन आज घाटों पर कचरे का अंबार लगा है। नगरीय प्रशासन की गंभीरता का आलम यह है कि सफाई के तुरंत बाद फिर से गंदगी पसरी हुई है।
लल्लू सिंह तिराहा तालाब: यहां भी हाल ही में अभियान चलाया गया था, लेकिन वर्तमान में यह तालाब चारों तरफ से गंदगी से घिरा हुआ है। काफी समय से इस तालाब की सफाई की मांग की जा रही है।
तालाब के चारों ओर गंदगी- पांडव नगर पॉलिटेक्निक कॉलेज के सामने जिस तालाब में अंतिम संस्कार के बाद जो कार्यक्रम किए जाते हैं, वहां अब गंदगी का अंबार है। चारो तरफ बड़ी-बड़ी झाडिय़ां उगी हुई है।
आधा अधूरा सौंदर्यीकरण-विधायक निवास के ठीक पीछे तालाब में गंदगी का अंबार है, इस तालाब का सौदर्यीकरण के तहत तालाबाके चारो तरफ पिचिंग किया जा रहा था जो अभी आधा अधूरा पड़ा है।
घर का कचरा तालाब में-एएसपी बंगला के बगल स्थित तालाब को नपा ने लाखों रुपए कर्च कर सौदर्यीकरण कराया था, यहां घरों से निकलने वाला कचरा पटा हुआ है, तालाब पूरी तरह जलीय पौधे की चपेट में है।
इनका कहना
अभियान के तहत मोहनराम तालाब, लल्लू ङ्क्षसह तिराह स्थित तालाब व घरौला तालाब की सफाई की गई है। तालाब के आसपास फैले कचरे की सफाई की गई थी, जबकि तालाब के अंदर की सफाई के लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है।
अनिल महोबिया, स्वच्छता प्रभारी, नगरपालिका