बारिश शुरू होने से पहले 52 किलोमीटर की शेष खुदाई और लाइन बिछाने का काम पूरा नहीं किया, तो शहर के आधे-अधूरे गड्ढे जलभराव और कीचड़ का केंद्र बन जाएंगे। बारिश के दौरान सीवर लाइन का काम करना लगभग असंभव
हो जाता है, जिससे यह प्रोजेक्ट एक बार फिर महीनों के लिए अटक सकता है।
इनका कहना
सीवर लाइन का कार्य अंतिम पड़ाव में है, जहां लाइन बिछ चुकी है वहां अब घरों से कनेक्शन जोडऩे का कार्य किया जाना है, साथ ही साथ विद्युत सब स्टेशन कार्य भी कराया जाएगा।
प्रियांश दुबे, सहायक परियोजना प्रबंधन एमपीयूडीसी