
13 किमी विद्युत लाइन बिछाकर सब स्टेशन निर्माण का कार्य भी अभी अधूरा
तीन महीने की मोहलत मिली तब भी पूरा नहीं हो पाएगा कार्य, 20 हजार से अधिक घरों में कनेक्शन भी बाकी
शहडोल. शहर की स्वच्छता और आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम के लिए शुरू किया गया महत्वाकांक्षी सीवर लाइन प्रोजेक्ट अब नगरवासियों के लिए जी का जंजाल बनता जा रहा है। साल 2022 से चल रहा यह कार्य चार साल बीत जाने के बाद भी अपने अंतिम पड़ाव तक नहीं पहुुंच सका है। कंपनी की लापरवाही और कार्य की कछुआ गति का आलम यह है कि दिसंबर 2024 की समयसीमा बीतने के बाद अब 31 मार्च को मिला दूसरा एक्सटेंशन भी समाप्त हो चुका है। वर्तमान में 52 किलोमीटर लाइन का कार्य व 20 हजार घरों में कनेक्शन करना बाकी है। अधूरी सडक़ों और खुले गड्ढों ने शहर की रफ्तार और सुरक्षा दोनों पर ब्रेक लगा दिया है।
सीवर प्रोजेक्ट की सफलता का एक बड़ा हिस्सा कोनी स्थित ट्रीटमेंट प्लांट पर टिका है, लेकिन यहां बिजली आपूर्ति की व्यवस्था ही अब तक दुरुस्त नहीं हो पाई है। विभागीय जानकारी के अनुसार, यहां 8 केवीए का विद्युत सब स्टेशन बनाया जाना है, जिसके लिए अब तक मात्र 13 किलोमीटर की विद्युत सप्लाई लाइन बिछाई जा सकी है। जब तक विद्युत सब स्टेशन का निर्माण और टेस्टिंग पूरी नहीं हो जाती, तब तक सीवर पंपिंग स्टेशन और ट्रीटमेंट प्लांट का संचालन संभव नहीं होगा।
प्रोजेक्ट के तहत नगर पालिका क्षेत्र में कुल 225 किलोमीटर सीवर लाइन बिछाई जानी थी। कंपनी अब तक 173 किलोमीटर कार्य पूर्ण करने का दावा कर रही है, लेकिन यह आंकड़ा भी कागजी नजर आता है। जिन वार्डों में पाइपलाइन बिछाकर चेंबर बना दिए गए हैं, वहां अभी तक घरों को मुख्य लाइन से जोडऩे का काम शुरू नहीं हुआ है। आंकड़ों के मुताबिक, शहर के लगभग 20 हजार से अधिक घरों में कनेक्शन किया जाना बाकी है, जिसके बिना यह पूरी योजना फिलहाल निष्प्रभावी बनी हुई है।
प्रशासन अब कंपनी को 30 जून 2026 तक का नया लक्ष्य देने की तैयारी में है। हालांकि, जानकारों का मानना है कि पिछले चार सालों में जो कंपनी रफ्तार नहीं पकड़ सकी, उसके लिए अगले तीन महीनों में 52 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाना और 20 हजार घरों के कनेक्शन करना एक असंभव सा लक्ष्य नजर आता है। यदि कंपनी ने अपने संसाधनों और कार्यबल में वृद्धि नहीं की, तो यह एक्सटेंशन भी सिर्फ तारीख बढ़ाने तक ही सीमित रह जाएगा।
बारिश शुरू होने से पहले 52 किलोमीटर की शेष खुदाई और लाइन बिछाने का काम पूरा नहीं किया, तो शहर के आधे-अधूरे गड्ढे जलभराव और कीचड़ का केंद्र बन जाएंगे। बारिश के दौरान सीवर लाइन का काम करना लगभग असंभव
हो जाता है, जिससे यह प्रोजेक्ट एक बार फिर महीनों के लिए अटक सकता है।
इनका कहना
सीवर लाइन का कार्य अंतिम पड़ाव में है, जहां लाइन बिछ चुकी है वहां अब घरों से कनेक्शन जोडऩे का कार्य किया जाना है, साथ ही साथ विद्युत सब स्टेशन कार्य भी कराया जाएगा।
प्रियांश दुबे, सहायक परियोजना प्रबंधन एमपीयूडीसी
Published on:
06 Apr 2026 11:36 am
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