शहडोल

मानव तस्करी पर अब कसा जाएगा शिकंजा

अपराधों पर शिकंजा पहली प्राथमिकता

3 min read
May 28, 2018
मानव तस्करी पर अब कसा जाएगा शिकंजा

शहडोल- जिले के आदिवासी अंचलों में मानव तस्करी सबसे ज्यादा देखने को मिल रही है। क्षेत्र से अन्य प्रांतों में दलालों के माध्यम से मासूम और युवाओं को बेचने की शिकायत आ रही हैं। मानव तस्करी पर शिकंजा और थानों को विमेंन्स फें्रडली बनाना पहली प्राथमिकता होगी। सभी थानों में महिलाओं के लिए सुविधाघर होगा। मादक पदार्थ और मवेशियों की तस्करी पर भी अंकुश लगाया जाएगा। ये बातें नवागत एसपी कुमार सौरभ ने पत्रकारवार्ता में कहीं।

एसपी ने कहा कि अपराधों पर शिकंजा कसना पहली प्राथमिकता होगी। गश्त के लिए जल्द ही नई व्यवस्था बनाई जाएगी। गश्त सिस्टम को दुरस्त किया जाएगा, जिससे अपराधियों को किसी भी तरह से अपराध करने का मौका न मिले।

एसपी ने कहा कि हादसों को रोकने की दिशा में विशेष प्रयास किए जाएंगे। हर दिन हादसों में जान जा रही है। वाहनों में अपर डिपर का सिस्टम शुरू कराया जाएगा। वाहनों में रिफ्लेक्टर लगाया जाएगा। पत्रकारवार्ता में डीएसपी विलास बाघमारे और हेडक्वार्टर डीएसपी हेमंत शर्मा भी मौजूद रहे।

-----------------------

हर तीन दिन में गायब हो रहा एक मासूम , खबर पढऩे के बाद आप भी रह जाओगे सन्न

शहडोल- आदिवासी अंचलों से मासूमों के अपहरण का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हर तीन दिन के अंतराल में एक मासूम घर से लापता हो रहा है। क्राइम रिकार्ड पर नजर डालें तो जिले के थानों में हर तीन दिन के भीतर मासूमों के अपहरण का एक मामला दर्ज हो रहा है।

लापता मासूमों में कई ऐसे लोग भी शामिल हैं जिनके बारे में पता नहीं लगने पर केश पर खात्मा लगाया जा चुका है। महाराष्ट्र, हापुड़ और मेरठ में बेचते हैं एजेंट आदिवासी अंचलों में मासूमों को रोजगार का प्रलोभन देकर बाहर ले जाने का सिलसिला चल रहा है।

यहां मासूमों को अच्छे रोजगार और मजदूरी का प्रलोभन दिया जाता है। इसके बाद एजेंट मासूमों को मेरठ, हापुड और उप्र के दर्जनों जगहों में सौदा कर देते हैं। पूर्व में शहडोल पुलिस की कार्रवाई में भी यह बात सामने आई थी। एजेंटों ने कबूला था कि चार से पांच हजार रुपए में एक मासूम का सौदा तय किया जाता था। मासूमों को फैक्ट्री और खेतों में रखकर बंधक बनाकर काम कराया जाता था।

जयसिंहनगर और जैतपुर में सर्वाधिक मामले

घर से लापता होने वालों में सर्वाधिक मामले जिले के जयसिंहनगर और जैतपुर थाना क्षेत्र में देखने को मिलते हैं। क्राईम ब्रांच की रिपोर्ट के अनुसार इस क्षेत्र के अलावा अब गोहपारू थाना क्षेत्र से भी लोग ज्यादा संख्या में गुम हो रहे हैं। इनके अलावा कोतवाली शहडोल, कोयलांचल क्षेत्र से बुढ़ार, धनपुरी और अमलाई थाना के अलावा जैतपुर, ब्यौहारी, देवलोंद थाना क्षेत्र से भी लोग गुम हो रहे हैं।

पांच महीने में 65 प्रकरण पहुंचे थाने
जिला क्राइम रिकार्ड के अनुसार पिछले पांच माह में नाबालिगों के अपहरण से जुड़े 65 मामले थाने पहुंचे हैं। इसमें 45 बच्चियां शामिल हैं। जनवरी से लेकर मई तक अपहरण के कुल 72 प्रकरण दर्ज किए गए
हैं। इसमें 50 महिलाएं शामिल हैं। अपहरण के सबसे ज्यादा मासूमों से जुड़े हैं।


विरोध करने पर करते थे पिटाई

तीन साल पहले जयसिंहनगर के एक मामले की इन्वेटिगेशन में पुलिस ने मानव तस्करी के बड़े रैकेट को उजागर किया था। जयसिंहनगर के जमुनिहा से पांच बच्चों का सौदा उप्र मेरठ और मुजफ्फरनगर में कर दिया गया था। एजेंट यहां से मासूमों को चार से पांच हजार में बेच आए थे।

8 हजार में मासूमों का सौदा

तीन साल पहले जयसिंहनगर पुलिस ने मानव तस् करी से जुड़े चार दलालों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने नेतराम, रामदयाल, विकास और जीतेन्द्र को पकड़ा था। इनकी निशानदेही पर उत्तर प्रदेश के हापुड़ में दबिश दी थी। जहां से 6 मासूूमों को पुलिस ने मुक्त कराया था।

Published on:
28 May 2018 02:16 pm
Also Read
View All