
शहडोल- कभी-कभी कुछ ऐसी घटनाएं हो जाती हैं, जिसको जानने के बाद गुस्सा आना लाजिमी है, ये घटना भी कुछ ऐसी ही है, जहां एक मासूम आम तोड़ रहा था, पकड़े जाने पर उसे घंटो बंधक बना लिया गया। उस पर जुल्म किए गए।
आम तोड़ने की सजा
शहर से सटे मझगवां गांव की ये घटना है, आम का सीजन है, और गांवों में तो जहां देखों वहां आपको आम ही आम मिल जाएंगे, गांवों में अक्सर ऐसा देखने को मिल ही जाता है कि बच्चे आम तोडऩे जाते हैं और उन्हें रोका जाता है, लेकिन इस तरह उनको बंधक बनाकर उन पर जुल्म करना ऐसा तो बिल्कुल भी नहीं किया जाता है।
मझगवां गांव के एक बच्चे को आम तोडऩा उस समय मंहगा पड़ गया, जब वो आम तोडऩे के लिए बाड़े में घुस तो गया, लेकिन पकड़े जाने पर शायद उसे भी इस तरह के पनिसमेंट की उम्मीद न रही होगी, जिस तरह के जुल्म उस पर किए गए।
शहडोल जिले के मझगवां गांव में 10 साल का बच्चा दुर्गेश अपने अन्य साथियों के साथ चोरी छिपे पड़ोस में रहने वाले शंकू सिंह के बाड़े में आम तोडऩे गया था, जब शंकू सिंह को इस बात का पता लगा तो वो बच्चों को पकडऩे के लिए दौड़ लगाया, जैसे ही वो बच्चों को पकडऩे के लिए दौड़ा मासूम दुर्गेश के बाकी दोस्त तो भाग निकले, लेकिन दुर्गेश को शंकू सिंह ने पकड़ लिया, गुस्से में शंकू सिंह ने उस मासूम को लगभग 12 घंटे बंधक तो बनाया ही, साथ ही रात भर उसे भूखा प्यासा रखकर उसकी पिटाई करता रहा।
मासूम दुर्गेश को उधर शंकू सिंह बंधक बनाकर रखे हुए था, इधर उसके पिता अपने बच्चे को रात भर इधर-उधर ढूंढते रहे। सुबह जैसे ही उसके पिता राममिलन को पता लगा की उसका बेटा कहां है, वो तुरंत शंकू के घर पहुंचे, और अपने बेटे को छोडऩे को कहने लगे, बार-बार उन्होंने कहा कि वो उनके बच्चे को छोड़ दे लेकिन शंकू सिंह बच्चे को छोड़ ही नहीं रहे थे। जिसके बाद बच्चे को लाख कोशिशों के बाद भी न छोडऩे के बाद उस मासूम के पिता ने इस बात की शिकायत पुलिस थाने में की, जिसके बाद पुलिस ने बच्चे को कई घंटे बाद शंकू सिंह से छुड़ाया।