मामला मध्यप्रदेश के शहडोल जिले में हुआ, कुएं में गिरे अपने बच्चे को देख मां ने गहरे कुएं में छलांग लगा दी, इसी दौरान एक पड़ोसी युवक भी कुए में कूद गया, कुएं से बाहर निकलने के बाद मां अपने बच्चे को लेकर अस्पताल पहुंची और डॉक्टर से बार बार यही कहती रही कि उसके बच्चे को जिंदा कर दो.
शहडोल. मां की ममता का कोई पार नहीं होता है, बच्चे को परेशानी में देख मां अपने आप को भूलकर उसकी परेशानी दूर करने का प्रयास करती है, फिर भले ही बच्चों के लिए उसकी जान ही क्यों न चली जाए, ऐसा ही एक मामला मध्यप्रदेश के शहडोल जिले में हुआ, कुएं में गिरे अपने बच्चे को देख मां ने गहरे कुएं में छलांग लगा दी, इसी दौरान एक पड़ोसी युवक भी कुए में कूद गया, कुएं से बाहर निकलने के बाद मां अपने बच्चे को लेकर अस्पताल पहुंची और डॉक्टर से बार बार यही कहती रही कि उसके बच्चे को जिंदा कर दो, लेकिन बच्चा दम तोड़ चुका था, चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया था। ऐसे में मां रोती बिलखती अपने बच्चे को याद करती रही। यह नजारा देख लोगों की आंखों में भी आंसू छलकने लगे, इस हादसे से पूरे गांव में शोक की लहर छा गई।
तीनों को बाहर निकाला गया
शहर के बिजली ऑफिस कॉलोनी में खेलते वक्त कुएं में डूबने से एक बालक की मौत हो गई। घटना गुरुवार की दोपहर की बताई जा रही है। बालक को बचाने के लिए मां और पड़ोसी युवक ने भी कुएं में छलांग लगा दी। किसी तरह तीनों को बाहर निकाला गया। लेकिन तब तक बालक की मौत हो चुकी थी।
आंगन में खेल रहा था बालक
जानकारी के अनुसार बिजली ऑफिस कॉलोनी में रहने वाले राजा पाल का दो वर्षीय मासूम बालक घर के आंगन में खेल रहा था। यहां कुएं में बॉल देख बार-बार निकालने का प्रयास कर रहा था। इसी दौरान अचानक खेलते वक्त कुएं में जा गिरा। बालक घर में नहीं दिखा, तो परिजनों ने तलाश शुरू की। जब बालक नहीं दिखा तो मां ने कुएं में जाकर देखा तो बालक अचेत अवस्था में तैरता दिखाई दिया। मां ने भी कुएं में छलांग लगा दी। मां के चीखने चिल्लाने पर आसपास के लोग एकत्रित हो गए। किसी तरह रस्सी डालकर तीनों को कुएं से बाहर निकाला गया। इस दौरान बालक की मौत हो गई। जबकि मां और पड़ोसी को चोट आने पर अस्पताल ले जाया गया। आनन-फानन में बच्चे को अचेत अवस्था मे लेकर मां बेसुध होकर अस्पताल में बिलखती रही और डॉक्टरों से इलाज कर जिंदा करने की बात कहती रही। हालांकि डॅक्टरों ने जांच के बाद बालक को मृत घोषित कर दिया।
घर पर मां व बेटा दोनो ही थे
बताया गया कि बालक का पिता मेहनत मजदूरी का कार्य करता है रोज की तरह वह मजदूरी करने निकल गया था। घर पर मां व बेटा दोनो ही थे। मां घर के काम में व्यस्त थी। पिता को जैसे ही घटना की जानकारी मिली वह आनन- फानन में अस्पताल पहुंचा और मृत बालक को गोद मे लिए बिलखते रहा।