MP News: शहडोल में दो तस्कर वन्यजीव के नाखून और खाल बेचने जा रहे थे, लेकिन उनका प्लान फेल हो गया। पुलिस ने बीच रास्ते में दबोचा, पूछताछ में बड़ा नेटवर्क सामने आ गया।
MP News: वन्यजीव के नाखून, खाल, मूंछ के बाल आदि बेचने के फिराक में दो आरोपी पुलिस के हत्थे चढ़े हैं (Smugglers arrested for selling wildlife parts)। मामला दक्षिण वनमंडल शहडोल का है, जहां डब्ल्यूसीसीबी की सूचना पर वन अमले की टीम ने कार्रवाई की। आरोपियों की निशानदेही पर अन्य आरोपियों को छत्तीसगढ़ व सीधी जिले से पकड़कर वन्यजीव के अन्य अवशेष बरामद किए और आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया।
आरोपियों में से मुख्य आरोपी को रिमांड में लेकर वन विभाग की टीम पूछताछ कर रही है, जबकि अन्य आरोपियों को जेल भेज दिया गया। जानकारी के अनुसार, वन परिक्षेत्र बुढ़ार अंतर्गत अमरकंटक मुख्य मार्ग में ग्राम धिरौल के बोड़डीहा तिराहे के पास बाइक सवार विनोद साकेत एवं हीरा सिंह परस्ते को टीम ने धर दबोचा।
आरोपियों से वन्यजीव के ८ नग नाखून बरामद किए गए। पूछताछ में आरोपियों ने ग्राम गिरवाही जिला एमसीबी निवासी लटकू उर्फ रामनरेश वासुदेव (४३) निवासी ग्राम गिरवानी पास से नाखून लेकर आना बताया। डीएफओ ने स्पेशल टीम छत्तीसगढ़ रवाना की। टीम एवं छत्तीसगढ़ के वनमंडल एमसीबी के वन कर्मियों ने लटक को उसके घर से पकड़ा एवं पूछताछ की तो उसने नाखून देने की बात कबूल की।
सीधी जिले से एक पकड़ा उधर, आरोपियों के बताए अनुसार, टीम ने 3 जून को प्रकरण में संलिप्त अन्य आरोपियों रामप्रसाद उर्फ लालजी एवं बद्री प्रसाद गोंड को पकड़ा। पूछताछ में दोनों ने तेज बहादुर निवासी ग्राम डुहुकुरिया कुसमी जिला सीधी का नाम लिया। टीम ने तेजबहादुर को भी गिरतार कर लिया। अन्य अवशेष और सामग्री बरामद आरोपी के घर की तलाशी में वन्यजीव के मूंछ के बाल 6 नग, जीआइइ तार बंडल, लोहे की छूरी 1 नग तथा उसकी बाड़ी से वन्यजीव के अवयव खाल एवं हड्डी बरामद हुई। लटक ने बताया, वन्यजीव के अवयवों को सगरा निवासौ बद्री प्रसाद गोड़ एवं राम प्रसाद सिंह ने दिया था।