अभी तक नहीं पकड़ा गया आरोपी, आरोपी पर इनाम घोषित, पकडऩे के लिए टीम बनाई गई
शहडोल. जंगल में हैवानियत का शिकार हुई दिव्यांग बालिका की हालत नाजुक है। उसका इलाज रीवा के संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल में चल रहा है। उधर आरोपी का अभी तक पता नहीं चल सका है। पुलिस अभी तक अंधेरे में ही तीर चला रही है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं। उसमें आरोपी का हुलिया मिलने की बात की जा रही है, लेकिन दिव्यांग बच्ची से हैवानियत करने वाला अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर है। दिव्यांग बालिका को पिता की आंखों के सामने अगवा कर जंगल ले जाकर ज्यादती करने के मामले में पुलिस के हाथ खाली हैं। उधर पुलिस ने अज्ञात आरोपी पर इनाम घोषित करते हुए पतासाजी के लिए टीम बना दी है। हालांकि मामले में अब तक आरोपी तक पुलिस नहीं पहुंची है।
एसपी कुमार सौरभ ने आरोपी की पतासाजी के लिए दस हजार का इनाम घोषित किया है। पीडि़ता की हालत भी नाजुक बनी हुई है। गौरतलब है कि दिव्यांग बालिका जबलपुर में रहकर ९वीं की पढ़ाई करती थी। शुक्रवार की शाम को बुढ़ार आई थी। पिता को गांव केशवाही तक जाने के लिए कोई सहारा नहीं मिल रहा था। इस दौरान एक युवक बाइक से आया और लिफ्ट देने के बहाने ले गया। बाद में पीडि़ता दिव्यांग को जंगल में ले जाकर आरोपी ने दुष्कर्म किया था। बालिका को इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां पर नाजुक हालत को देखते हुए बालिका को रीवा के लिए रेफर कर दिया गया है।
मौके पर पहुंचे आईजी, लिया जायजा
आईजी आईपी कुलश्रेष्ठ घटनास्थल पर पहुंचकर जायजा लिया। आईजी ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि पुराने दुष्कर्म अपराध से जुड़े पुराने अपराधियों को हिरासत में लेकर पूछताछ करें और जल्द आरोपी तक पहुंचे।
लिफ्ट देने के बहाने की हैवानियत
बाइक सवार ने पिता और बेटी को बाइक पर लिफ्ट दी। इसके बाद जंगल में बाइक रोककर पिता को चकमा दे दिया और दिव्यांग बालिका को अगवा कर ले गया। इसके बाद उसने बच्ची से हैवानियत की और फरार हो गया। बच्ची अब जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है, लेकिन आरोपी फरार है। आरोपी तक पुलिस अभी तक नहीं पहुंच सकी है।