सुशासन की दिशा में आयुक्तशहडोल संभाग का नवाचार
शहडोल. सुशासन की दिशा में आयुक्त शहडोल संभाग सुरभि गुप्ता ने नवाचार करते हुए राजस्व विभाग में आम नागरिकों की शिकायतें दर्ज कराने के लिए क्यूआर कोड प्रणाली प्रारंभ की है। इस पहल से अब संभाग के तीनों जिलों के आम नागरिक राजस्व विभाग से संबंधित अपनी समस्याएं क्यूआर कोड के माध्यम से सीधे दर्ज करा सकेंगे। आयुक्त शहडोल संभाग सुरभि गुप्ता, उपायुक्त राजस्व मिनिषा पाण्डेय, संयुक्त आयुक्त विकास मगन सिंह कनेश द्वारा क्यूआर कोड जारी किया गया। इस अवसर पर विभिन्न विभागों के संभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
इस नवाचार का उद्देश्य नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, नक्शा तरमीम, अभिलेख दुरुस्ती जैसी राजस्व संबंधी समस्याओं का त्वरित निराकरण करना है। जिनका समाधान तहसील स्तर पर ही संभव है, वर्तमान में जानकारी के अभाव में दूरस्थ अंचलों से ग्रामीण एवं आम नागरिक जनसुनवाई के माध्यम से अपने आवदेन दर्ज कराते हैं। इस प्रणाली के लागू हो जाने से उन्हें शासकीय कार्यालयों में जाने की आवश्यकता नहीं होगी। जिससे उनके समय और धन की बचत होगी। संभागीय तकनीकी सलाहकार आरसीएमएस उपेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि प्रथम चरण में राजस्व विभाग से संबंधित शिकायतों के शीघ्र निराकरण के उद्देश्य से संभाग स्तरीय सुरक्षित क्यूआर कोड डिजाइन किया गया है। जिसके माध्यम से आम नागरिक अपनी समस्या सरलता से दर्ज करा सकेंगे।
यह क्यूआर कोड पूर्णत: सुरक्षित है, जिसके मध्य में राज्य शासन का मोनो अंकित किया गया है। क्यूआर कोड स्कैन करते ही एक ऑनलाइन फॉर्म खुलेगा, जिसमें आवेदक को अपना नाम, पता, मोबाइल नंबर तथा समस्या की श्रेणी जैसी मूलभूत जानकारी भरनी होगी। फॉर्म सबमिट करते ही शिकायतकर्ता को मोबाइल पर पुष्टि संदेश प्राप्त होगा, साथ ही भरी गई जानकारी उसकी ई-मेल आईडी पर भी स्वत: भेज दी जाएगी। शिकायत प्राप्त होते ही वह सीधे कमिश्नर कार्यालय, संबंधित अधिकारी एवं संबंधित जिले के कलेक्टर तक पहुंच जाएगी। शिकायतों का प्राथमिकता से निराकरण कर आवेदक को सूचित किया जाएगा। जिसकी समीक्षा आयुक्त शहडोल संभाग द्वारा समय-समय पर की जाएगी।
इस प्रणाली का मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आम नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान हो और उन्हें कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। यह पहल प्रशासन को जनता के और अधिक निकट लाने की दिशा में एक सशक्त कदम है तथा शहडोल संभाग में सुशासन की मिसाल प्रस्तुत करेगी। यह नवाचार निश्चित ही जनता के विश्वास को और मजबूत करेगा तथा डिजिटल माध्यम से प्रशासनिक कार्यों को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाएगा।