आप हैं यदि इस नौकरी के लायक तो कर सकते हैं आवेदन
शहडोल. एक तरफ तो देश में बेरोजगारी के लिए हल्ला है दूसरी तरफ इतने शानदार जॉब के लिए लोग नहीं मिल रहे हैं। यहां पर मामूली औपचारिकता के बाद नौकरी के लिए खुला ऑफर मिल रहा है लेकिन उसके बाद भी पद खाली पड़े हैं। यदि आप भी इस नौकरी के लायक हैं तो कमिश्नर शहडोल और डीन मेडिकल कालेज शहडोल से संपर्क कर सकते हैं। पदों पर नियुक्ति न होने की वजह से शहडोल मेडिकल कालेज शुरू होने में अड़चन आ रही है। यहां पर मोटी सेलरी मिलने के बाद भी योग्य लोगों का टोटा है, प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है कि जल्दी से जल्दी नियुक्तियां हो जाएं, जिससे मेडिकल कालेज को एमसीआई से मान्यता मिल जाए।
संभाग में भले ही मेडिकल कॉलेज की सौगात मिल गई हो लेकिन फैकल्टी पूरी न होने ही वजह से कक्षाओं के संचालन पर अड़ंगा लगा है। दरअसल मेडिकल कॉलेज के लिए डॉक्टर और स्पेशलिस्ट नहीं मिल रहे हैं। स्पेशलिस्ट, डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टॉफ न होने की वजह से एमसीआई (मेडिकल काउंसिल ऑफ इण्डिया) मेडिकल कॉलेज के संचालन के लिए हरी झण्डी ही नहीं दे रही है। सितंबर और अक्टूबर में एक बार फिर एमसीआई की टीम औचक निरीक्षण के लिए शहडोल पहुंच सकती है। इसके लिए मेडिकल कॉलेज के आला अधिकारी अब फैकल्टी पूरी करने के हरसंभव प्रयास में जुटे हुए हैं। अधिकारियों की मानें तो एमसीआई टीम के इस साल निरीक्षण के बाद हरी झण्डी मिलने पर 2019 से मेडिकल कॉलेज की कक्षाओं का संचालन किया जा सकेगा। फैकल्टी की पदस्थापना के लिए मेडिकल कॉलेज प्रबंधन लगातार वॉक इन इंटरव्यू के अलावा भर्तियां निकाल रहा है।
जिला अस्पताल में 27 स्पेशलस्टि पदस्थ
शुरूआती प्रक्रिया में भले ही मेडिकल कॉलेज की कक्षाएं शुरू न सकी है लेकिन जिला अस्पताल में डॉक्टरों की पदस्थापना से मरीजों को राहत मिली है। जिला अस्पताल में 27 स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की पदस्थापना की गई है। इसमें ई एण्ड टी के अलावा मेडिसिन, आर्थोपेडित, पीडियाटिक, ग्यानो सहित कई विशेषज्ञ शामिल हैं।
59महत्वपूर्ण पदों में सिर्फ 35 की भर्ती
विभागीय जानकारी के अनुसार, मेडिकल कॉलेज के संचालन के लिए ५९ महत्वपूर्ण पदों पर भर्तियां करनी है। लगातार साक्षात्कार भी हो रहे हैं लेकिन अब तक सिर्फ ३५ पदों में ही पदस्थापना हो चुकी है। स्थिति यह है कि कई पदों में भर्तियां होने के बाद भी डॉक्टर और स्पेशलिस्ट ज्वाइनिंग के लिए शहडोल नहीं पहुंच रहे हैं। इसके अलावा कई पैरामेडिकल स्टॉफ की भी भर्ती नहीं हो हुई है।
एमसीआई टीम का तीसरी बार होगा दौरा
मेडिकल कॉलेज के संचालन के लिए अनुमति देने से पहले एमसीआई (मेडिकल काउंसिल ऑफ इण्डिया) का यह तीसरी बार दौरा होगा। इसके पहले दो बार एमसीआई की टीम औचक निरीक्षण कर चुकी है। इसके पूर्व निरीक्षण में जिला अस्पताल में कई उपकरण और व्यवस्थाएं नहीं मिली थी।
एमसीआई की टीम संभवत सितंबर अक्टूबर में औचक निरीक्षण करेगी। मेडिकल कॉलेज के लिए फैकल्टी की भर्ती प्रक्रिया शुरू है। फैकल्टी की कमी है, इस वजह से एमसीआई ने भी अनुमति नहीं दी थी। जल्द हम रिक्त पदों पर भर्तियां कर रहे हैं।
डॉ. मिलीन्द्र शिलारकर, डीन मेडिकल कॉलेज शहडोल।