कलेक्टर सहित हेरफेर करने वालों पर दर्ज करो मामला 

तत्कालीन कलेक्टर सहित 8 पर मामला पंजीबद्ध करने का आदेशशासकीय जमीन में हेरफेरन मामले में कोर्ट का निर्देश

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Oct 01, 2015
ten years imprisonment
forged notes
शहडोल। करोड़ो की शासकीय भूमि के हेरफेर मामले में तत्कालीन कलेक्टर डॉ अशोक भार्गव, एसडीएम, नायब तहसीलदार, पटवारी सहित डीपीसी और पत्नी भाई पर न्यायालय में मामला पंजीबद्ध करने का आदेश दिया है। मामले की पैरवी अधिवक्ता प्रदीप सिंह कर रहे थे और याचिका पूर्व विधायक छोटेलाल सरावगी ने लगाई थी। अधिवक्ता प्रदीप सिंह ने बताया कि 1985- 86 में पटवारी के साथ श्रवण चौधरी ने हेरफेर करते हुए शासकीय जमीन हथिया ली थी। इसके बाद रजिस्ट्री कराते हुए डीपीसी मदन त्रिपाठी के परिवार के नाम कर दी थी। जिसके बाद डीपीसी परिवार के साथ उक्त भूमि पर मकान बनाकर रह रहा था। मामले की शिकायत याचिकाकर्ता छोटेलाल सरावगी ने कई आला अधिकारियों से करते हुए 12 दिसंबर 2014 को इस्तगामा पेश किया।

जिसकी जांच लोकायुक्त ने कलेक्टर शहडोल अशोक भार्गव को दी थी। जांच में हेरफेर होने पर न्यायालय ने तत्कालीन कलेक्टर डॉ अशोक कुमार भार्गव सहित तत्कालीन एसडीएम, रिटायर्ड तहसीलदार, पटवारी, सहित डीपीसी मदन त्रिपाठी, भाई डॉ. राजेश त्रिपाठी, बीआरसी बुढ़ार महेन्द्र त्रिपाठी, पत्नि विद्या पर मामला दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।

अधिकारियों पर 120 दर्ज करने के निर्देश
अधिवक्ता प्रदीप सिंह ने बताया कि कलेक्टर ने लोकायुक्त को गलत जानकारी दी थी। जिसके चलते अधिकारियों पर भादंवि की धारा 120 के तहत मामला पंजीबद्ध करने के निर्देश दिए है। जबकि हेरफेर करने वाले आरोपियों पर धोखाधड़ी का मामला दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
Published on:
01 Oct 2015 11:04 pm