पढि़ए पटवारियों पर हाथ डाला तो कैसे हुई कलेक्टर और अन्य अधिकारियों की छीछालेदर
शहडोल। एसडीएम सोहागपुर द्वारा किए गए पटवारियों के फेरबदल के आदेश को कलेक्टर ने मंगलवार को निरस्त कर दिया है। लगातार पटवारियों के खिलाफ मिल रही शिकायत और प्रशासनिक दृष्टिकोण के मद्देनजर रखते हुए एसडीएम ने हाल ही में पटवारियों का तबादला किया था। जिसे कलेक्टर नरेश कुमार पाल ने स्थानांतरण नीति के अनुरूप न होने की बात करते हुए १९ पटवारियों के आदेश को निरस्त किया है। इसके बाद प्रशासन और राजस्व से जुड़े कई अधिकारियों के बीच खींचतान बढ़ गई है। गौरतलब है कि हाल ही में 19 पटवारियों का ट्रांसफर एसडीएम सोहागपुर लोकेश कुमार जागीड़ द्वारा किया गया था। इसमें कई पटवारियों का हल्का भी बदला था। इसमें कई ऐसे पटवारी भी शामिल थे जो पिछले काफी समय से एक ही जगह पर डटे हुए थे।
कई संघ पदाधिकारी भी शामिल
एसडीएम के आदेश में कुछ पटवारी ऐसे भी शामिल थे जो पटवारी संघ के पदाधिकारी भी हैं। इनके स्थानांतरण के बाद अलग- अलग संघों ने कलेक्टर को ज्ञापन भी सौंपा था और स्थानांतरण प्रक्रिया को गलत बताया था। जिसके बाद कलेक्टर ने मंगलवार को निरस्त किया है।
धारा 144 को भी किया था निरस्त
एसडीएम लोकेश कुमार ने सुरक्षा के मद्देनजर हाल ही में आयोध्या मामले को लेकर निकाली जाने वाली रैली पर रोक लगाते हुए धारा १४४ लगा दी थी लेकिन दबाव में जिला प्रशासन ने एसडीएम के इस आदेश को भी तत्काल कुछ ही घंटों के भीतर निरस्त कर दिया था।
स्थानांतरण में मंत्री का अनुमोदन जरूरी होता है। एसडीएम द्वारा बिना अनुमोदन के स्थानांतरण कर दिया गया था। इस संबंध में जानकारी मेरे संज्ञान में आई थी। जिसके बाद १९ पटवारियों के तबादले का आदेश निरस्त किया गया है।
नरेश कुमार पाल, कलेक्टर शहडोल
प्रभारी मंत्री ने कलेक्टर को लिखा पत्र
पटवारियों के स्थानांतरण आदेश को निरस्त करने के लिए प्रभारी मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कलेक्टर को पत्र लिखा है। प्रभारी मंत्री ने पत्र में कहा है कि पटवारियों का तबादला स्थानांतरण नीति के विरूद्ध किया गया है। इस आदेश में प्रभारी मंत्री का अनुमोदन नहीं लिया गया है। प्रभारी मंत्री ने कलेक्टर को कहा कि ३ जनवरी २०१८ के एसडीएम सोहागपुर के आदेश को निरस्त एवं निष्प्रभावी कर पालन प्रतिवेदन भेजें।