रेल यात्रियों की जान बचाने में लगा देते है जान की बाजी
शहडोल. रेलवे सुरक्षा बल के जवान रेल यात्रियों और रेल संपत्तियों की सुरक्षा में अहम भूमिका निभाते हैं। वह खतरे के जंजीर का दुरुपयोग रोकने और अपराधियों पर अंकुश लगाने में भी महत्वपूर्ण योगदान देते हैं और समय आने पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए अपनी जान की बाजी भी लगा देते हैं। इसी कड़ी में दक्षिण पूर्व मध्य रेल्वे के सुरक्षा विभाग द्वारा सामाजिक दायित्वों का भी बड़ी मुस्तैदी से पालन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत किन्ही कारणों से अपने परिजनों से बिछुड़े नाबालिग बच्चे भी स्टेशन पर दिखाई दे जाते हंै। जिन्हें अगर समय रहते उनके परिजनों तक नहीं मिलाया जा सके तो गलत हाथों में पडक़र बच्चों की जिंदगी मुसीबत में आ सकती है। इस प्रकार के मामलों में रेलवे आरपीएफ द्वारा बच्चे से पतासाजी करने के उपरांत उनके अभिभावकों से संपर्क किया जाता है एवं उन्हें बुलाकर बकायदा पहचान कर उन्हें बच्चे सौंपे जाते है। अभी हाल ही में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की बैठक में इससे संबंधित मुद्दे पर काफी सकारात्मक चर्चा भी की गई।
वृद्ध रेलयात्री की बचाई जान
रेलवे स्टेशन में आरपीएफ के एक जवान ने बीते १२ सितम्बर को तत्परता से एक वृद्ध रेलयात्री की जान बचा ली। वृद्ध रेलयात्री पानी लेने के लिए शहडोल रेलवे स्टेशन में उतरा था और जब ट्रेन चलने लगी तब उसने ट्रेन में चढऩे का प्रयास किया, मगर वह ट्रेन के नीचे आ गया। वहीं आरपीएफ के जवान एसएस तिवारी खड़े थे, उन्होने तत्काल गार्ड से ट्रेन रोकने को कहा और स्पीड पकडऩे के पहले ही ट्रेन रुक गई। इस दौरान वृद्ध रेल यात्री के हाथ व सिर में चोंट आई, मगर उसकी जान बच गई। इसके बाद ट्रेन गंतव्य को रवाना हुई।
टोल फ्री नंबर पर दे जानकारी
इस प्रकार के बच्चे जो भटका हुआ या बिछडा या लावारिस प्रतीत हो, तो ऐसे बच्चों की जानकारी 100, 1098 या 182 में सूचित करें। ताकि समय पर उन बच्चें को रेलवे द्वारा उन्हें उनके अभिभावक तक सुरक्षित पहुंचाया जा सके। ऐसे बच्चे समूह में भी अगर दिखाई दे तो भी सूचित करें ताकि इस बीच का बच्चों का रेस्क्यू किया जा सके।
इनका कहना है
अभी तक हमने पांच बिछड़े बच्चों व बुजुर्गों को उनके परिवार को मिलाने का काम किया है। छह यात्रियों को खोया सामान वापस दिलाया है और चैन पुलिंग करने वाले ५१ लोंगों के खिलाफ कार्रवाई कर २१ हजार रुपए जुर्माना वसूला है।
एस अप्पाराव, आरपीएफ थाना प्रभारी, शहडोल