बीएड छात्रा से दिनदहाड़े बैग छीना
शहडोल. शहर में वारदातों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बदमाश एक के बाद एक वारदातों को अंजाम देकर पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल रहे हैं। पुरानी वारदातों में पुलिस पतासाजी और पड़ताल करती रही कि बदमाशों ने पुलिस लाइन में एक और वारदात को अंजाम देकर चुनौती दे दी है।
वारदात मंगलवार की दोपहर लगभग दो बजे के आसपास की पुलिस लाइन की है। पुलिस के अनुसार कोतमा निवासी बीएड की छात्रा निधी जैसवाल शहडोल में रहकर पढ़ाई और स्कूल में पढ़ाती हैं। मंगलवार की दोपहर में स्कूल से पढ़ाकर लौट रही थी तभी बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया। यहां पर पुलिस से बेखौफ बदमाश बाइक से पहुंचे और बैग छीनकर भाग निकले। पीडि़ता के अनुसार बैग में नकदी और मोबाइल रखा था। शोर करने पर आसपास के लोग पहुंचे लेकिन आरोपी चंपत हो गए थे। सूचना मिलते ही डायल १०० मौके पर पहुंचकर आसपास नाकाबंदी की लेकिन आरोपी नहीं मिले।
एक के बाद एक हो रही वारदातों के बाद आईजी आईपी कुलश्रेष्ठ, डीआईजी आरके अरूसिया, एसपी सुशांत सक्सेना, आरआई सत्यप्रकाश मिश्रा सहित कई अधिकारी कोतवाली पहुंच गए। यहां पर अधिकारियों ने पूरे पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों को खड़ा करके क्लास ली। अधिकरियों ने जमकर पुलिसकर्मियों को फटकार लगाई। इतना ही नहीं आईजी ने फटकार लगाते हुए निलंबन करने तक की चेतावनी भी दी।
इन वारदातों में भी हाथ खाली
- शहर के शोरूम और महादेव फू्रट्स सेंटर में हाल ही में चोरी हुई लेकिन पुलिस के हाथ खाली हैं।
- शहर के बीच दुकान में तोड़कर कट्टा चमकाने के मामले में एक आरोपी फरार है लेकिन पुलिस अब तक नहीं पहुंची।
- एक व्यापारी के साथ पुलिस बनकर पैसा छीनने वाले आरोपियों को अब तक पुलिस नहीं पकड़ सकी है।
- रेलवे कॉलोनी में हाल ही में कई चोरियां हुई हैं। इन मामलों में भी पुलिस अब तक नाकाम साबित हुई है।
- शहर के बीच बदमाशों ने एक वृद्ध की आंख में मिर्ची झोंककर लूट की थी। मामले में एक आरोपी अब तक फरार है।
इकना कहना है
आईजी आईपी कुलश्रेष्ठ के मुताबिक पुलिस अपराधों पर शिकंजा कसने हरसंभव प्रयास कर रही है। कुछ मामलों में सफलता भी मिली है। पुलिसकर्मियों को हिदायत दी गई है। बीट सिस्टम को मजबूत किया गया है, लापरवाही पर कार्रवाई होगी।
पत्रिका व्यू, धन्य है पुलिस
रोम जल रहा था तब नीरो बंसी बजा रहा था। कुछ ऐसा ही हाल इन दिनों शहर की पुलिस व्यवस्था का है। लडख़ड़ाई पुलिस व्यवस्था ने लोगो की नींद उड़ा रखी है। नए साल से लगातार अपराध का ग्राफ बढ़ रहा है लेकिन कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। अफसरों की निचले स्तर में पकड़ और कमजोर खुफिया तंत्र का खामियाजा आमजन को भुगतना पड़ रहा है। ऐसा ही हाल रहा तो आमजन को अपनी सुरक्षा खुद
करनी होगी और पुलिस यंू ही देखती रहेगी।