MP News: एमपी के आदिवासी इलाके में 164 करोड़ रुपये की लागत से एक सड़क बननी है। यह सड़क सीधे नेशनल हाईवे 39 से जुड़ेगी, जिससे कई गांवों को फायदा होगा। हालांकि, अभी भी कई रुकावटें हैं।
New Road Contruction: शहडोल-रीवा राष्ट्रीय राजमार्ग में सेकेण्ड फेज में शहडोल से टेटका के बीच 164 करोड़ से स्वीकृत सड़क (Shahdol-Tetka Road) निर्माण में वन विभाग का रोड़ा अभी समाप्त नहीं हुआ है। 52 किमी की इस सड़क में 13.77 किमी वन भूमि में निर्माण कार्य की अनुमति अब तक नहीं मिल पाई है। इसके लिए पिछले डेढ़ वर्ष से प्रयास किए जा रहे है, लेकिन आए दिन आ रही क्योरी के बीच स्वीकृति का इंतजार बढ़ता ही जा रहा है। भोपाल व शहडोल से आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद आवेदन शासन स्तर पर स्वीकृति के लिए भेजा गया है।
शासन स्तर से मंजूरी मिलने में कम से चार से पांच माह का समय और लग सकता है। इसे देखते हुए विभाग ने सामान्य क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया है। साथ ही सड़क निर्माण से प्रभावित होने वाली वन भूमि के एवज में अन्यत्र भूमि आवंटन व पौधरोपण को लेकर भी विभागीय स्तर पर कार्रवाई शुरु कर दी गई है। वन भूमि में निर्माण को लेकर अनुमति मिलने में हो रही देरी को देखते हुए विभाग ने सामान्य क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया है। (MP News)
शहडोल से टेटका के बीच सड़क निर्माण के दौरान लगभग 19.28 हेक्टेयर वन भूमि प्रभावित होगी। इसके एवज में वन विभाग को पतेरिया टोला में झुडूपी जंगल की लगभग 53 हेक्टेयर भूमि में से 38.56 हेक्टेयर भूमि वन विभाग को पौधरोपण के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। शेष भूमि एमपीआरडीसी अन्य कार्य के लिए रखेगा। आवंटित भूमि में वन विभाग ने पौधरोपण व उनके 10 वर्ष तक संरक्षण के लिए लगभग 3 करोड़ रुपए की स्टीमेट तैयार कर विभाग को सौंपा है।
जानकारी के अनुसार शहडोल-रीवा राष्ट्रीय राजमार्ग शहडोल से टेटका के बीच 52 किमी लंबाई व 20 मीटर चौड़ा क्षेत्र चिन्ति किया है। इसमें से 13-14 मीटर में सड़क निर्माण कराया जाएगा, शेष रिक्त छोड़ दिया जाएगा। इस बीच लगभग 2400 पेड चिन्हांकित किए गए है।
52 किमी सडक निर्माण के दौरान बीच में पड़ने वाली पुल पुलियों के साथ अन्य निर्माण कार्य भी कराए जाने हैं। इसके लिए ठेकेदार को दो वर्ष की समय सीमा निर्धारित की गई है। जानकारी के अनुसार बाणगंगा तिराहा से राजाबाग बाइपास तक फोर लेन सड़क का निर्माण किया जाना है। इस फोर लेन सडक में डिवाइडर, लाइटिंग सहित अन्य व्यवस्थाएं की जाएंगी।
इसके बाद बाइपास से टेटका मोड़ के बीच टू लेन सडक बनेगी। शहडोल से टेटका मोड़ के बीच दी बड़े पुलों का निर्माण कराया जाना है। इसमें दिया पीपर के पास स्थित सोन नदी पुल व जयसिंहनगर के समीप स्थित पुल को शामिल किया गया है। दोनों पुलों का निर्माण लगभग 18 करोड़ से होना है। इसके अलावा कुल 67 पाइप वाली व 21 माइनर ब्रिज का निर्माण होगा। साथ ही समरा व कौआसरई के पास टेढ़े मेढ़े मोड़ों को सीधा किया जाएगा। (MP News)
वनभूमि में सड़क निर्माण की शासन स्तर से अनुमति मिलना शेष है। इसमें चार से पांच माह का समय लग सकता है, सामान्य क्षेत्र में हमने निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया है। प्रभावित होने वाली वन भूमि के एवज में पतेरिया टोला में पौधरोपण के लिए भूमि वन विभाग को उपलब्ध कराई जाएगी।- पंकज बागरी, एसडीओ एमपीआरडीसी