कोतमा से गंभीरावस्था में शहडोल जिला चिकित्सालय पहुंची थी प्रसूता
शहडोल. खून के साथ प्लेटलेट की कमी से जूझ रही प्रसूता का तुरत ऑपरेशन किया जाना आवश्यक था। ऐसी में स्थिति में प्रसूता को कहीं ब्लड नहीं मिल रहा था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला चिकित्सालय के लेबर रूम में पदस्थ स्टाफ नर्स आगे आई और ब्लड डोनेट कर प्रसूता की जान बचाई। स्टाफ नर्स के इस कार्य को लेकर अस्पताल प्रबंधन ने प्रसन्नता व्यक्त की है। जानकारी के अनुसार कोतमा से गंभीरावस्ता में प्रसूता लीला पाव को जिला चिकित्सालय शहडोल में भर्ती कराया गया था। प्रसूता को खेन व प्लेटलेट की कमी के साथ बच्चेदानी में भी समस्या थी। जिसके चलते उसका तुरत ऑपरेशन करना आवश्यक है। ब्लड व प्लेटलेट की कमी की वजह से वह संभव होता नहीं दिख रहा था। आनन-फानन में ब्लड की भी व्यवस्था नहीं हो पा रही है। जिसके चलते प्रसूता के परिजन काफी परेशान थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला चिकित्सालय के लेबर रूम में सेवा दे रही स्टाफ नर्स सरोजनी करायत ने आगे आकर ब्लड डोनेट किया। जिसके महिला का ऑपरेशन संभव हो पाया और उसकी जान बचाई जा सकी। स्टाफ नर्स की इस पहल पर सिविल सर्जन डॉ जी एस परिहार के साथ अन्य स्टाफ ने धन्यवाद ज्ञापित कर उनके उज्वल भविष्य की कामना की है।