शहडोल

भाजपा नेता ने बनवाया है यहां गांधी जी का मंदिर हर रोज लगता है मेला

रोज सुबह की जाती है गांधी जी के आदर्शों पर चर्चा,एक-एक करके लोग जुटते गए और बन गया गांधी ग्राम का स्वरूप

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Jan 29, 2018

शहडोल (रमाशंकर मिश्रा). कुछ दिन पहले ग्वालियर में गोडसे का मंदिर बनाने पर काफी बवाल हुआ था। देश भर में काफी हंगामा हुआ था, लेकिन यहां पर एक भाजपा नेता ने गांधी जी का मंदिर बनवाया है। यहां पर हर रोज लोग जुटते हैं और उनके आदर्शों पर चर्चा करते हैं। यहां पर पहले कुछ लोगों ने जाना शुरू किया। चिंतन-मनन शुरू किया। गांधी जी पर चर्चा शुरू हुई और उसके बाद देखते ही देखते वहां पर गांधी ग्राम बन गया और अब वहां पर एक भव्य मंदिर है। 30 जनवरी को यहां एक भव्य मेले का आयोजन किया जाएगा। इस मंदिर की पहल एक भाजपा नेता ने की थी और इस मंदिर का लोकार्पण भी एक भाजपा विधायक ने किया था। यहां से कुछ ही दूसरी पर गांधी जी की अस्थियां भी दफनाई गई हैं, वहां पर भी एक भव्य समाधिस्थल बनाया गया है।
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के समाधि स्थल के साथ ही हाल में जिला मुख्यालय से लगभग 60 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत ढोलकू स्थित जमुनिहा नाला के समीप विशाल मंदिर का निर्माण कराया गया है। जहां हर वर्ष 2 अक्टूबर को मंचीय कार्यक्रम आयोजित किये जाते हैं वहीं 30 जनवरी को श्रद्धांजलि सभा के साथ ही बच्चों का मेला भी आयोजित किया जाता है। जहां गांधी चिंतन से जुड़े हुए लोगों के साथ ही स्थानीय जन प्रतिनिधि व विद्यालय के छात्र उपस्थित होते हैं। इतना ही नही हर वर्ष 15 अगस्त और 26 जनवरी के अवसर पर आस-पास के सभी विद्यालय के छात्र सुबह पहले यहीं पर एकत्रित होते हैं और झंडा वंदन करते हैं। इसके बाद अपने-अपने विद्यालय के लिये रवाना होते हैं।
5 वर्ष पूर्व शुरू हुआ सिलसिला
वर्ष 2011 में ग्राम पंचायत ढोलकू, गिरवा, बरगवां के साथ ही क्षेत्र के कुछ सामाजिक कार्यकर्ता, बच्चे, युवा व बुजुर्ग सुबह-सुबह टहलते हुये ग्राम पंचायत ढोलकू व बरगवां की सीमा में स्थित जमुनिहा नाला के समीप एकत्रित होने लगे। यहां सभी एकत्रित होते और योग व अन्य क्रियाओं के साथ ही आपस में नैतिक जिम्मेदारियों के साथ ही राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आदर्शों पर चिंतन-मनन करते। धीरे-धीरे यह सिलसिला दिनचर्या में शामिल हो गया। वर्ष 2013से यहीं पर 2 अक्टूबर गांधी जयंती पर कार्यक्रमों का सिलसिला शुरू हो गया। देखते-देखते इसे गांधी ग्राम का नाम दे दिया गया। जिसके बाद यहां एकत्रित होने वाले लोगों के मन में ही राष्ट्रपिता के मंदिर निर्माण व प्रतिमा स्थापना का विचार आया लेकिन वह उस वक्त तो पूरा नही हो पाया। जिसके बाद वर्ष 2016 में 2 अक्टूबर को मंदिर निर्माण की आधार शिला रखी गई और 30 जनवरी 2017 को यह मंदिर बनकर तैयार हो गया और क्षेत्रीय विधायक जयसिंह मरावी द्वारा इसका शुभारंभ किया गया। अब यहां प्रतिदिन सुबह वैसे ही लोगो का एकत्रीकरण होता है और अलग-अलग विषयों पर चर्चाएं होती है। मंदिर बनाने की पहल पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष और भाजपा नेता दिनेश शर्मा ने की।

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Published on:
29 Jan 2018 09:17 pm
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