कंटेनमेंट एरिया में बंद रहेंगे धार्मिक स्थल, नहीं चढ़ेगा चढ़ावा
शहडोल. धार्मिक स्थलों में कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए शासन ने नए दिशा निर्देश जारी किए हैं। अब कंटेनमेंट एरिया में धार्मिक स्थलों के खोलने पर पाबंदी लगाई गई है। सिर्फ कंटेनमेंट एरिया के बाहर के स्थानों पर प्रवेश की अनुमति होगी। वहीं 60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों, गर्भवती महिलाओं, 10 वर्ष से कम आयु के बच्चों एवं बीमारियों से ग्रस्त व्यक्तियों को घर से बाहर नहीं निकलने और सार्वजनिक स्थानों पर जहां तक संभव हो आपस में 6 फीट की दूरी रखनी होगी, चेहरे को मास्क एवं फेस कवर से ढकना अनिवार्य होगा। मंदिर के प्रवेश द्वार पर हैंड हायजीनन के लिए सेनेटाईजर डिस्पेंसर एवं थर्मल स्क्रीनिंग अनिवार्य किया गया है।
धार्मिक परिसर में परिसर में मास्क, फेस कवर पहनने और कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए ऑडियो एवं वीडियो क्लिप द्वारा माइक से प्रसारण करना होगा। वहीं सोशल डिस्टेंसिंग के लिए कतार की लाइन में गोले के निशान और प्रवेश एवं निकास अलग-अलग द्वार और कतार में कम से कम 6 फीट की दूरी रखनी होगी, परिसर में प्रवेश के पूर्व आगंतुकों द्वारा साबुन एवं पान से हाथ एवं पैर का धोना सुनिश्चित करें, और एसीका तापमान 24 से 30 डिग्री सेल्सियस हो रिलेटिव हयूमिडिटी 40 से 70 परसेंट ताजी हवा का आवागमन होना आवश्यक होगा।
नहीं छू सकेंगे धार्मिक ग्रंथ और मूर्ति-
इस दौरान मूर्ति, धार्मिक ग्रंथ छूने पर प्रतिबंध के साथ प्रसाद, चरणामृत, छिड़काव आदि का वर्जित रहेगा, वहीं आरती की थाली मूर्ति आदि पर चढ़ावा कैश की जगह डिजिटल ट्रांसफर आफ मनी अथवा दान पेटी में दान करना होगा, धार्मिक प्रतिष्ठान में फूल, नारियल, अगरबत्ती चादर, चुनरी आदि चढ़ाने की अनुमति नहीं होगीं। मंदिर में घंटी बजाने पर पाबंदी रेलिंग को स्पर्श करने पर भी पाबंदी होगी। वहीं प्रि रेकॉर्डेड भजन, गीत संगीत बजेंगे और सिंह गुरुवाणी गाने की अनुमति नहीं होगी। श्रद्धालुओं को मठ कपड़ा स्वयं लाना होगा तथा प्रार्थना के बाद वापस ले जाना होगा अभिवादन के लिए एक दूसरे को स्पर्श करने पर पाबंदी तथा धार्मिक प्रतिष्ठानों में सामुदायिक रसोई लंगर, अन्नदान में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भोजन बनाने एवं वितरित करने के दौरान अनिवार्य रूप से करना होगा।