लेबर यूनियन ने कलेक्टर को लिखा पत्र
शहडोल / बरगवां. सन 1960 के दशक में अमलाई में कागज कारखाना स्थापित करने के लिए शासन द्वारा दी गई जमीन बेच दी गई है। जिस पर क्षेत्रीय और लेबर यूनियन ने कड़ा एतराज जताया है। मजदूर संगठन ने कलेक्टर को पत्र लिखकर जांच कराने के साथ दोषी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। कलेक्टर को भेजे गए पत्र में बताया गया है कि जिला अतर्गत ग्रांम अमलाई में एशिया का सबसे बड़ा कागज कारखाना और कास्टिक सोडा फैक्टरी का उद्योग चल रहा है। इस उद्योग को स्थापित करने के लिए तत्कालीन राज्य सरकार ने घनश्यामदास बिड़ला बंधु से समझौता कर शर्तो के साथ निजी , शासन और वन विभाग की जमीन दी थी। जिसका उद्देश्य उद्योग स्थापित कर कर्मचारियों के भविष्य को संरक्षित करना था। लेकिल बिड़ला प्रबंधन ने शहडेाल में क्रिश्चियन हास्पिटल एवं सिंहपुर चैाराहा के बीच ओपीएम फारेस्ट कार्यालय की जमीन बेंच दी है। जो शासन के समझौते से विपरीत है। ओपीएम को जिस जमीन की उपयोगिता नहीं है उसे वापस शासन को लौटाना चाहिए। इसके साथ ही जो जमीन प्रायवेट लोगो की थी उनको मिलनी चाहिए। लेकिन ओपीएम प्रबंधन ने उस जमीन पर ब्यापार कर रहा है। ओपीएम मिल्स लेबर यूनियन ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने के लिए मुख्यमंत्री ,कमिश्नर, प्रधान मंत्री भारत सरकार ,उद्योग मंत्री को भी पत्र भेजा है।
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पेंशनर्स सदस्यों का बैठक में हुआ सम्मान
शहडोल. पेेंशनर्स एसोसियेशन मध्य प्रदेश की बैठक का आयोजन गत् दिवस जिलाअध्यक्ष चन्द्रशेखर ओझा की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस दौरान जो पेंशनर्स सदस्य सम्मान समारोह में उपस्थित नही हुये थे उनका सम्मान संगठन के वरिष्ठ सदस्य अमरनाथ चौधरी द्वारा शाल श्रीफल से बैठक के दौरान ही किया गया। बैठक में पी सी गुप्ता सचिव पेंशनर्स एसोसियेशन ने बताया कि ४ जनवरी को प्रांतीय महा समिति की बैठक दमोह में
हुई थी। जिसमें प्रदेश के 52 जिले के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। उक्त बैठक में निर्णय लिया गया कि सरकार सातवें वेतनमान का लाभ शीघ्र नही देते तो आने वाले समय में पेंशनर आन्दोलन के लिये बाध्य होंगे। साथ ही बैठक में राजेन्द्र सिंह एवं श्रीमती सुधा खरे के निधन पर शोक व्यक्त करते हुये श्रद्धांजलि अर्पित की गई।