शहडोल

महिलाओं के लिए खास है ये फिल्म, इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में होगा प्रदर्शन

जानिए इस फिल्म के बारे में और....

2 min read
Dec 21, 2017
This film is special for women
This film is special for women

शहडोल- महिलाओं को जागरुक करने व महिला सशक्तिकरण पर आधारित विरासनी फिल्म्स के बैनर तले बनी शार्ट फिल्म यसरेज योर वायस इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के लिए सेलेक्ट हो गई है। इस फिल्म को खजुराहो में होने वाले इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में दिखाया जाएगा। ये फिल्म 21 दिसंबर मतलब आज शाम 4 बजे से दिखाई जाएगी। ये फिल्म आदिवासी अंचल शहडोल संभाग से अंर्तराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में शामिल होने वाली पहली शार्ट फिल्म है। यस रेज योर वॉयस नाम की ये फिल्म टोटल 22 मिनट की है, जिसे इंटरनेट यूट्यूब पर 15 दिन पहले रिलीज कर दिया गया था। जिसे अबतक हजारो लोग देख चुके हैं। इस फिल्म को नए कलाकारों द्वारा अभिनीत और तैयार किया गया है।

महिला जागरुकता व सशक्तिकरण पर आधारित है फिल्म
ये फिल्म महिला जागरुकता व सशक्तिकरण पर आधारित है, फिल्म की थीम है आज के दौर में जब महिलाएं घरों से निकलकर समाज में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही हैं, उसके बाद भी उत्पीडऩ की स्थिति बनती है। ऑफिस में काम करने वाली ज्यादातर महिलाएं अभद्रता की शिकार होती हैं। उनके साथ अपमानजनक टिप्पणियां की जाती हैं। लेकिन इसके बाद भी वो चुप रह जाती हैं। जबकि इन्हें इन टिप्पणियों के खिलाफ मुखर होकर आवाज उठाने की जरूरत है। अगर वो इनका विरोध करें या फिर कहीं शिकायत करें तो कुछ ना कुछ इसका असर जरूर होगा। और गलत मंसूबे रखने वालों के मनोबल टूटेंगे। समाज में महिला का सम्मान तो बढ़ेगा ही गलत इरादे रखने वालों को मुंह छिपाना पड़ेगा।

फिल्म में शामिल हैं संभाग के कलाकार
फिल्म में टोटल 11 कलाकारों ने काम किया है। सपना श्रीवास्तव, सुधीर शुक्ला, डॉक्टर एनएल पटेल ये तीनों कलाकार शहडोल संभाग के रहने वाले हैं। इनके अलावा इंदुनिशा खान रीवा, राकेश शुक्ला सिंगरौली, अभिलाषा मिश्रा भोपाल, प्रतिभा कोष्ठा जबलपुर, जितेंन्द्र दीक्षित सतना के हैं।

लोकल टैलेंट को निखारना है मकदस
फिल्म के प्रोड्यूसर डॉक्टर नत्थूलाल पटेल और राइटर, डायरेक्टर खिरोधर सोंधिया हैं जिनका कहना है कि क्षेत्र में मौजूद कला जगत की प्रतिभाओं को मंच प्रदान कर उन्हें मौका देना और सामाजिक समस्याओं का सशक्त चित्रण कर उनके लिए उपाय तलाशना क्रिएशन का मुख्य मकसद है। सन् २०१४ में भ्रूण हत्या और छुआछूत विषय पर लोकल कलाकारों की मदद से बनाई गई फिल्म आहुति को प्रदेश के फिल्म महोत्सव में प्रथम पुरस्कार से नवाजा गया था।

Published on:
21 Dec 2017 01:15 pm