बहदवास बहन पहुंची थाने, पुलिस ने कब्र से निकाली लाश
शहडोल। सिटी कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत लमरो गांव में एक महिला ने पति की हत्या कर शव को घर में ही दफना दिया। इस बात का खुलासा उस वक्त हुआ जब युवक की बहन राखी लेकर घर पहुंची। पत्नी ने कहा कि तुम्हारे भाई की हत्या कर शव को दफना दिया है। मामले की खबर लगते ही कोतवाली पुलिस हरकत में आ गई और पड़ताल शुरू की। कोतवाली टीआई रावेन्द्र द्विवेदी के अनुसार कई सुराग मिले हैं। सोमवार को एसडीएम की अनुमति के बाद जमीन खोदकर लाश निकालने की कार्रवाई की गई। बताया गया कि लखन सिंह गोड़ पिछले काफी दिनों से लापता था। राखी में लखन की बहन राखी लेकर घर पहुंची तो भाई नहीं मिला। जिसके बाद पूछताछ की तो भाभी ने बताया कि दफन कर दिया है। पुलिस पत्नी को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। कोतवाली पुलिस ने सोमवार को कई अधिकारियों की मौजूदगी में घर में बाड़ी में खुदाई शुरू की तो बदबू आने लगी। बाद में और खुदाई होने पर युवक की लाश मिली है। पुलिस ने पत्नी दुर्गा को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। पुलिस के अनुसार प्रेम प्रसंग को लेकर पत्नी ने हत्या कर दफना दिया था। प्रेम प्रसंग के चलते दोनों में अक्सर विवाद होता था। इसी बात पर आवेश में आकर हत्या कर दी थी।
ट्रेन में रक्षाबंधन की भीड़ का फायदा उठाने की फिराक में थी शातिर तीन महिलाएं
नर्मदा एक्सप्रेस में महिलाओं की सामग्रियों की चोरी की योजना बनाते महिलाओं का गेंग पकड़ाया
शहडोल.इंदौर-बिलासपुर नर्मदा एक्सप्रेस ट्रेन में शनिवार को रक्षाबंधन का त्यौहार मनाने जा रही महिलाओं की सामग्रियों की चोरी करने की योजना बनाते शातिर महिलाओं के एक गेंग को रेल पुलिस ने पकड़ा है। आरोपित महिलाओं के विरूद्ध पहले से ही रेल थाना में चोरी के कई मामले दर्ज है। उनके पास से हेक्सा आरी, ब्लेड, पेंचकस व प्लास भी बरामद किए गए है। जिनका इस्तेमाल वह बैग की चैन व ताला तोडऩे व पर्स को काटने में करती थी। इस संबंध में रेल थाना प्रभारी एलपी कश्यप ने बताया है कि पकड़ी गई महिलाएं केराडोल थाना पोड़ी जिला कोरिया छत्तीसगढ की है। जिसमें प्रमुख सरगना ३५ वर्षीय रिंकी बसोर पति विक्की बसोर है। दो महिलाओं में ५८ वषीय तेजमति पति रामलखन बसोर और ५७ वर्षीय फूलमती बसोर है। इन तीनों महिलाओं के खिलाफ धारा ४०१ के तहत कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई में एएसआई वीके दुबे, आरक्षक रवि सिंह, पद्माकर सिंह, ईश्वर सिंह और महिला आरक्षक जूही बरकड़े ने अपनी महती भूमिका का निर्वहन किया।