जानिए कौन दे रहा है फ्री कोचिंग, कैसे युवाओं को बना रहा काबिल
Akhilesh shukla
शहडोल- युवा शक्ति देश और समाज की रीढ़ होती है। आज युवाओं की सोच अलग-अलग है। आज युवा दिवस है। शहर में कई ऐसे युवा हैं जो अपने क्षेत्र में अलग-अलग और सराहनीय काम कर रहे हैं। मोहम्मद शारिब जैसे युवा भी हैं जो खुद 18 साल की उम्र से ही पुलिस की नौकरी कर रहे हैं। और अब युवाओं को भी प्रतियोगी परीक्षाओं को पास करने के काबिल बना रहे हैं। इसके लिए शहर में फ्री कोचिंग क्लास चलवा रहे हैं। जिसमें उनकी मदद उनके कई दोस्त भी कर रहे हैं। और वो खुद भी छुट्टी के दिन स्पेशल क्लास लेते हैं। कोचिंग का पूरा खर्च युवा मोहम्मद शारिब ही उठाते हैं।
मोहम्मद शारिब बना रहे युवाओं को काबिल
24 साल के युवा मोहम्मद शारिब शहडोल जिले में युवा प्रज्ञान फ्री कोचिंग के नाम से युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करवाते हैं। मोहम्मद शारिब इसके लिए एक भी रुपए छात्रों से नहीं लेते, इसके लिए उनके साथ उनके कुछ मित्र भी मदद करते हैं। युवा शारिब अपनी इस फ्री कोचिंग की कामयाबी का श्रेय अपने उन खास मित्रों को भी देते हैं, जिनकी बदौलत कोचिंग का संचालन संभव हो सका है। कोचिंग के प्रबंधक रत्नेश मिश्रा हैं जो यहां पढ़ाने के अलावा नवोदय स्कूल में शिक्षक हैं। इसके अलावा इस कोचिंग में रुखसार बेगम भी पढ़ाती हैं जो कॉन्वेंट स्कूल में शिक्षिका हैं। उनके मित्र राशिद खान भी वहां पढ़ाते हैं। खुद मोहम्मद शारिब भी वहां स्पेशल क्लास लेते हैं। मोहम्मद शारिब उमरिया में कॉन्सटेबल के पद पर पदस्थ हैं। कोचिंग में टोटल 30 स्टुडेंट हैं। इससे पहले जब शारिब सिंगरौली में पदस्थ थे तो वहां भी ये फ्री कोचिंग चलाते थे और अब जब उमरिया में पदस्थ हो गए हैं तो वो ये फ्री क्लास शहडोल में चला रहे हैं।
आईएस से मिली प्रेरणा
मोहम्मद शारिब को ये फ्री कोचिंग चलाने की प्रेरणा आईएएस अधिकारी स्वरोचिष सोमवंशी जी से मिली, जिनका मार्गदर्शन आज भी उनके इस अच्छे काम में रहता है। शारिब मानते हैं कि कोचिंग का सबंध शिक्षा की उन्नति के साथ-साथ मानव जाति के लिए कुछ करके ईश्वर प्राप्ति से है।