क्रय केंद्रों पर किसानों से खरीदा गया गेहूं खुले आसमान के नीचे पड़ा है।
शाहजहांपुर। असमय बारिश से तमाम फसलों को नुकसान पहुंचने के बावजूद भी सरकार के आला अफसरों ने सबक नहीं लिया। लिहाजा इसका परिणाम सरकार को भुगतना पड़ सकता है। दरअसल गेहूं खरीद के मामले में सरकार ने तमाम शहरों को अलग अलग लक्ष्य दिए हैं। ऐसे में शाहजहांपुर को भी एक बड़ा लक्ष्य दिया गया है जिसके चलते रोजा मंडी में 16 क्रय केंद्र खोले गए हैं। वहां बड़ी तादाद में किसानों से गेहूं की खरीद की जा रही है। बड़ी तादाद में खरीदे गए इस गेहूं को अधिकारियों ने किसी सुरक्षित स्थान पर रखवाने के बजाय खुले में रख दिया। लिहाजा तेज बारिश में 70 हजार कुंतल गेहूं भीग गया। गेहूं भीगने के बाद अधिकारियों के बीच खलबली मच गई। हालांकि बाद में धूप निकल आने से उन्हें कुछ राहत जरूर मिली है।
65 हजार मेट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य
आपको बता दें कि गेहूं खरीद के मामले में सरकार द्वारा शाहजहांपुर को दो लाख 65 हजार मेट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य दिया गया है, जिसके चलते जिला प्रशासन ने शाहजहांपुर में अलग-अलग जगहों पर कुल 205 क्रय केंद्र खोले हैं। गेहूं क्रय केंद्रों पर लक्ष्य को पूरा करने के लिए जमकर खरीद की जा रही है। इसके चलते एक लाख 65000 मेट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है, लेकिन गोदाम फुल हो जाने के चलते गेहूं का उतार नहीं हो पा रहा है जिसके कारण गेहूं खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ है।
ये बोले अधिकारी
इस बारे में जिला खाद्य विपणन अधिकारी रूपेश सिंह ने बताया सरकार द्वारा दिए गए लक्ष्य को देखते हुए गेहूं की खरीद की गई, लेकिन गेहूं भंडारण गोदाम फुल हो जाने के कारण उतार नहीं हो सका, जिसके चलते गेहूं रोजा गल्ला मंडी में लगा है। चार गोदामों को जिला अधिकारी के आदेश पर अधिग्रहित कर लिया गया है। जल्द ही खुले में लगा गया गेहूं गोदामों में पहुंचाया जाएगा। अगर फिर भी कोई लापरवाही का मामला सामने आता है तो जांच कराकर ठेकेदार और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।