शाहजहांपुर

आसाराम केस में प्रमुख गवाह के हत्यारोपी की जेल में हालत बिगड़ी

आसाराम मामले में प्रमुख गवाह की हत्या के आरोपी की जिला जेल में हालत बिगड़ गई।
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Asaram case

शाहजहांपुर। आसाराम यौन उत्पीड़न मामले में गवाह की हत्या के मामले में जेल में बंद आरोपी नारायण पांडे की हालत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। नारायण पांडे पिछले दो साल से जिला कारागार में बंद है। कड़ी सुरक्षा के बीच में उसका इलाज चल रहा है। जहां उसने खुद को बेकसूर बताया है और पूरे मामले की सीबीआई जांच के अलावा खुद का नार्कोटेस्ट कराये जाने की अपील की है।

आसाराम का रहा है सेवक

दरअसल नाबालिग से यौन उत्पीड़न के प्रमुख गवाह कृपाल सिंह की हत्या आरोप में शाहजहांपुर की जिला जेल में बंद कानपुर के नौबस्ता का रहने वाला आसाराम का सेवक और गवाह की हत्या का आरोपी नारायण पांडे की रात में अचानक हालत बिगड़ गई। डॉक्टरों की मानें तो उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी और उसने कमजोरी की शिकायत दर्ज कराई थी। जिसके बाद कड़ी पुलिस सुरक्षा व्यवस्था के बीच में जिला अस्पताल ले जाया गया जहां उसका इलाज शुरू कर दिया गया है। इस दौरान नारायण पांडे मामले की सीबीआई जांच और खुद का कराने की मांग करता नजर आया।

कृपाल सिंह की हत्या के मामले में नामजद है नारायण पांडे

आसाराम यौन शोषण की शिकार पीड़िता शाहजहांपुर की ही रहने वाली है और इसी मामले के मुख्य गवाह कृपाल सिंह की 2015 में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। गवाह की हत्या में नारायण पांडे और कार्तिक को नामजद किया गया था। जिसके बाद नारायण पांडे को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया गया था। फिलहाल हालत बिगड़ने पर कड़ी सुरक्षा के बीच में उसका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। सही इलाज के दौरान नारायण पांडे ने खुद को बेकसूर बताया और मामले की सीबीआई जांच सहित खुद का नारको टेस्ट कराने की मांग की।

2015 में हुई थी कृपाल सिंह हत्या

घटना 10 जुलाई 2015 को थाना सदर बाजार क्षेत्र के ग्वाल टोला इलाके की है जहां आसाराम द्वारा रेप केस में प्रमुख गवाह कृपाल सिंह अपने काम से घर लौट रहा था। इसी बीच बाइक सवार तीन लोगों ने उसे पीछे से गोली मार दी और फरार हो गये। आनन फानन में घायल कृपाल को जिला अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे बरेली रेफर कर दिया गया। जिसमें इलाज के दौरान कृपाल की मौत हो गयी। आपको बता दें कि कृपाल सिंह उसी पीड़िता के पिता के ट्रान्सपोर्ट पर काम करता है जो कि आशाराम यौन उत्पीड़न का शिकार हुई थी। घटना से लगभग चार महीने पहले कृपाल ने एक आडियो मीडिया को सौंपा था जिसमें आशाराम जेल में बैठ कर अपने गुर्गों से बात कर रहा था हालांकि इसके बाद कृपाल सिंह ने अपनी जान का खतरा भी जताया था।

Published on:
12 Jan 2018 12:20 pm
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