
दुर्ग . नगपुरा तीर्थ के संस्थापक रावलमल जैन और मां सुरजी देवी को मौत की हत्या के आरोपी संदीप जैन का नार्को टेस्ट कराने आवदेन संलग्नकर केश डायरी को पुलिस ने गुरुवार को दोबारा न्यायालय में प्रस्तुत किया। सीजेएम ने पुलिस के आवेदन को अभिलेख में लिया। आरोपी के अधिवक्ता तारेन्द्र जैन के आवेदन को भी न्यायालय ने स्वीकार किया और उन्हें पक्ष रखने का मौका दिया। अधिवक्ता तारेंद्र शुक्रवार कोर्ट में नार्को टेस्ट के लिए पुलिस के आवेदन पर अपना पक्ष रखेंगे। आरोपी द्वारा हत्या का स्पष्ट उद्देश्य की जानकारी और पुख्ता साक्ष्य संकलन के लिए आरोपी का नार्कोटेस्ट कराना आवश्यक है।
आनन-फानन में फिर पहुुंचे डायरी लेकर
खास बात यह है कि अधिवक्ता तारेन्द्र जैन बुधवार को संदीप की ओर से पक्ष रखने आवेदन लेकर सीजेएम न्यायालय पहुंचे थे। न्यायालय से उन्हें जानकारी मिली कि पुलिस केश डायरी वापस ले गई है। पुलिस का आवेदन भी उसी में संलग्न है। आवेदन और केस डायरी न्यायालय में नहीं होने के कारण न्यायालय बिना आधार उनका आवेदन नहीं ले सकती। इस खबर को पत्रिका ने प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसके बाद पुलिस ने गुरुवार आनन फानन में केस डायरी दोबारा पेश की। पुलिस के के स डायरी प्रस्तुत करने के बाद आरोपी के अधिवक्ता ने पक्ष रखने आवेदन प्रस्तुत किया। जिसे स्वीकार करते हुए न्यायालय ने पक्ष रखने शुक्रवार का दिन निर्धारित किया।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने आवेदन में यह लिखा
ब्रेन मेपिंग और नार्को टेस्ट की अनुमति दिए जाने के पूर्व अभियुक्त को सुना जाना और उसकी अनुमति और सहमति लेना न्यायहित में होगा। ताकि अभियुक्त की निजता के अधिकारों का हनन न हो। अभियुक्त के बिना सहमति और अनुमति के नार्को टेस्ट कराए जाने का आदेश असंवैधानिक होगा। इस कथन के साथ अधिवक्ता ने सुप्रीम कोर्ट का रुलिंग भी प्रस्तुत किया है। उसका यह आवेदन सदभावनापूर्वक है, इसलिए आवदेन स्वीकार करने योग्य है। इस आधार पर सुनवाईका समुचित अवसर प्रदान किया जाए।
Updated on:
12 Jan 2018 11:51 am
Published on:
12 Jan 2018 11:51 am
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