शाहजहांपुर

चिन्मयानंद केस: सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद मुख्यसचिव ने इन आला अधिकारियों को दी एसआईटी गठन की जिम्मेदारी

यह एसआईटी शाहजहाँपुर प्रकरण में लगाये गये आरोपों की जांच एवं दर्ज अभियोगों की निष्पक्ष विवेचना कराना सुनिश्चित करेगी।

2 min read

शाहजहांपुर। पूर्व ग्रहराज्य मंत्री स्वामी अवधेशानंद पर गंभीर आरोप लगाने वाली सुखदेवा नन्द लॉ कालेज में अध्ययनरत विधि छात्रा एवं उसके भाई द्वारा प्रबन्ध तंत्र पर लगाये गये आरोपों के बाद एसआईटी गठन के निर्देश दे दि गए हैं। इन आरोपों की जांच एवं निष्पक्ष विवेचना कराये जाने हेतु एसआईटी गठित करने तथा छात्रा व उसके भाई की पढ़ाई किसी अन्य कॉलेज से कराये जाने तथा छात्रा व उसके परिवार को सुरक्षा प्रदान करने के संबंध में उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में शासन द्वारा निर्देश जारी किये गये हैं।

उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी द्वारा नवीन अरोड़ा पुलिस महानिरीक्षक, लोक शिकायत , मुख्यालय पुलिस महानिदेशक के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एस0आई0टी0 ) के गठन का निर्णय लिया गया है। जिसमें भारती सिंह, सेनानायक 41वीं वाहिनी पी0ए0सी0 गाजियाबाद को भी नामित किया गया है। शासन द्वारा यह भी निर्देश दिये हैं कि नवीन अरोड़ा इस दल में स्वच्छ छवि के अन्य पुलिस अधिकारियों को सम्मिलित करेंगे।

यह एसआईटी शाहजहाँपुर प्रकरण में लगाये गये आरोपों की जांच एवं दर्ज अभियोगों की निष्पक्ष विवेचना कराना सुनिश्चित करेगी। प्रदेश के मुख्य सचिव राजेन्द्र कुमार तिवारी द्वारा आयुक्त बरेली मण्डल व कुलपति, महात्मा ज्योतिबा फुले रूहेलखण्ड विश्वविद्यालय, बरेली को पीड़ित विधि छात्रा व उसके भाई का प्रवेश महात्मा ज्योतिबा फुले रूहेलखण्ड विश्वविद्यालय, बरेली अथवा उससे संबद्ध किसी महाविद्यालय में कराने के संबंध में भी तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने के भी निर्देश दिये हैं। शासन द्वारा उक्त विधि छात्रा, उसके माता - पिता एवं परिवार के अन्य सदस्यों को भी समुचित सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कराये जाने हेतु शाहजहाँपुर जनपद के पुलिस अधीक्षक को निर्देश प्रदान किये गये हैं।

Published on:
03 Sept 2019 08:04 pm
Also Read
View All