उत्तर प्रदेश में चुनाव आचार संहिता लागू होते ही असर दिखने लगा है। कलेक्ट्रेट परिसर में लगे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के प्रदेश सरकार की तमाम योजनाओं के होर्डिंग बैनर जिला प्रशासन ने आनान फानन में उतार दिए। दरअसल चुनाव आयोग की घोषणा के बाद उत्तर प्रदेश में चुनाव आचार सहिंता लागू हो गई है। जिसके अनुपालन के लिए जिले के कलक्टर ने जिले के तमाम आला अधिकारियों को पहले ही आदर्श चुनाव आचार संहिता के अनुपालन का आदेश दिया। इसी के चलते चुनाव से जुड़े अधिकारियों ने संहिता का अनुपालन करते हुए कलक्ट्रेट परिसर में लगे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के तामाम योजनाओं के होर्डिंग बैनर उतार दिए।
जिस वक्त मुख्य आयुक्त दिल्ली में प्रेस कांफ्रेस कर पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा के चुनावों की तारीखों का ऐलान कर रहे थे उस वक्त जिले भर के तमाम अधिकारी टीवी या मोबाइल से चिपके हुए चुनाव आयोग के दिशा निर्देशों को सुन रहे थे। चुनाव की तारीखों की घोषणा के तुरंत बाद सबसे पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के बैनर पोस्टर ही फाड़कर फेंके।
चुनाव आचार संहिता लगने के बाद सरकारी होर्डिंग या बैनर के जरिए किसी भी राजनैतिक दल का प्रचार नहीं किया जा सकता। ऐसे होर्डिंग या बैनर जिन पर राजनैतिक दल के नेता के फोटो लगे हों तत्काल हटाने के निर्देश हैं।