मासूम बच्चों के सामने ही दरिंदों ने दिया घटना को अंजाम। नेपाल से चलकर अपने पति के पास सितारगंज जा रही थी महिला।
शाहजहांपुर। जिले में इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां धार्मिक स्थल पर अपने दो मासूम बच्चों को साथ लेकर शरण लेने आई एक विदेशी महिला के लिए धार्मिक स्थल भी सुरक्षित नहीं रहा। महिला का आरोप है कि धार्मिक स्थल पर उसके साथ मंदिर के दो सेवादारों ने उसके मासूम बच्चों के सामने ही गैंगरेप किया। फिलहाल पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर दोनों सेवादारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं पीड़ित महिला को मेडिकल के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। महिला नेपाल की रहने वाली है।
ये है मामला
दरअसल घटना थाना खुटार और पीलीभीत बॉर्डर के पास की है। थाने पर दी तहरीर के मुताबिक पीड़िता अपने दो मासूम बच्चों के साथ मायके नेपाल से उत्तराखंड के सितारगंज जा रही थी। सितारगंज में उसका पति मजदूरी करता है। नेपाल से चलकर वो पाली मे उतर गई, उसके बाद मैजिक गाड़ी से पीलीभीत के पास पहुंची। महिला के साथ दो बच्चे भी थे एक तीन साल का और दूसरा डेढ़ माह का। मैजिक से उतरने के बाद उसने लोगों से सितारगंज जाने का पता पूछा तो उन्होंने उसे रात होने के कारण पास में बने धार्मिक स्थल पर रुकने की सलाह दी।
इसके बाद महिला धार्मिक स्थल पहुंची ओर वहां के दो सेवादारों से मिली। सेवादारों ने महिला को रुकने के लिए धार्मिक स्थल का कमरा दे दिया। उसके बाद करीब दस बजे दोनों सेवादार उसके कमरे में आए और उसके साथ जबरदस्ती करने लगे। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि जब उसने विरोध किया तो सेवादारों ने दोनों बच्चों को जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद महिला मजबूर होकर शांत हो गई। फिर दोनों सेवादारों ने गैंगरेप की घटना को अंजाम दिया।
बाद में महिला ने अपने पति को घटना के बारे में बताया। पति के आने पर महिला ने थाने पहुंच कर पुलिस को अपनी आपबीती बताई और सेवादारों के खिलाफ थाने में तहरीर दी। तहरीर मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों सेवादारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल पीड़िता को मेडिकल के लिए भेज दिया है।
इस बारे में एसओ राहुल यादव ने बताया कि नेपाली महिला ने धार्मिक स्थल के सेवादारों पर गैंगरेप का आरोप लगाया है। पीड़िता की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। वहीं पीड़िता को मेडिकल के लिए जिला अस्पताल भेजा है।