
Murder Of Two Sadhus In Shahjahanpur: शाहजहांपुर के खुदागंज थाना क्षेत्र के गांव सूता में मंदिर परिसर में दो साधुओं की हत्या कर दी गई। हत्यारों ने मंदिर में ही लकड़ी की चिता बनाकर शवों को जला दिया। गुरुवार सुबह करीब 7 बजे मंदिर से धुआं उठता देख गांव वाले पहुंचे तो एक साधु का शव जल रहा था, जबकि दूसरे का शव जलकर कंकाल बन चुका था। सूचना पर पुलिस, सीनियर अफसर और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। मृतकों की पहचान गोपाल दास और बड़े दास के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि बड़े दास दिव्यांग थे।
ग्रामीणों के अनुसार, वारदात बुधवार देर रात करीब एक बजे हुई। गांव के पश्चिमी छोर पर बने मंदिर में गोपाल दास और बड़े दास लंबे समय से रह रहे थे। दोनों पूजा-पाठ के साथ मंदिर की देखरेख भी करते थे।
ग्रामीणों का कहना है कि मंदिर जिस जमीन पर बना है, उसको लेकर गांव के सुमित सिंह के परिवार और मंदिर में रहने वाले वृद्धों के बीच पहले से विवाद चल रहा था। प्रारंभिक जानकारी में इसी पुराने विवाद को घटना से जोड़कर देखा जा रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सुमित ने ही दोनों वृद्धों की हत्या की है।
पुलिस के मुताबिक, गांव के ही रहने वाले और देवस्थान के संरक्षक शिव कुमार ने लिखित तहरीर दी है। इसमें बताया गया कि गांव का सुमित कुछ दिन पहले ही कोर्ट से जमानत पर जेल से बाहर आया था। वह बीते कुछ दिनों से देवस्थान पर दोनों साधुओं के साथ उठने-बैठने लगा था। गांव वालों ने भी प्रारंभिक तौर पर पुष्टि की है कि उसने कई बार दोनों साधुओं से कहा था कि आप लोग यहां से हट जाइए, अब मैं यहां रहूंगा और मेरा ही एकाधिकार होगा। पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया इसी बात को लेकर बीती रात घटना को अंजाम दिया गया।
पुलिस ने मौके से सभी साक्ष्य जुटाए हैं। दोनों जले हुए शवों को घटना का सही समय और कारण जानने के लिए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। तहरीर के आधार पर नामजद आरोपी सुमित के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया जा रहा है। पुलिस ने मुख्य आरोपी सुमित को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ कर रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी तथ्य और साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।