- अंग्रेजों से बदला लेने के लिए खिली जाती है जूता मार होली - तीन जगह से जुलूस निकालकर खेली जाती है जूता मार होली - डीएम और एसपी की मॉनिटरिंग में निकलता है जुलूस
लखनऊ. देश में अलग-अलग तरह से रंगो का त्योहार होली मनाया जाता है। कहीं लट्ठमार होली खेलने का प्रचलन है, तो कहीं फूलों की होली खेली जाती है। लेकिन उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में होली खेलने का तरीका जरा हटके है। यहां डीएम और एसपी की निगरानी में लोग जूता मार होली (Juta Mar Holi) खेलते हैं और एक दूसरे को रंगो के त्योहार की बधाई देते हैं। इस परंपरागत होली में मुस्लिम, सिख और ईसाई भी भाग लेते हैं। यही नहीं शाहजहांपुर के वरिष्ठ नागरिक भी इस होली में शामिल होकर सौहार्द का संदेश देते हैं।
अंग्रेजों से बदला लेने के लिए जुलूस
शाहजहांपुर में अंग्रेजों से बदला लेने के लिए हर साल जूता मार होली खेली जाती है। यह होली तीन जगह से होकर खेली जाती है, जिसकी मॉनिटरिंग खुद डीएम और एसपी करते हैं। इस बार भी यह होली तीन जगह से खेली जाएगी, जिसके चलते शाहजहांपुर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
शाहजहांपुर में होली के दिन लोग लाट साहब को बैलगाड़ी पर बैठकार पूरे शहर में घुमाते हैं। बैलगाड़ी पर बैठे लाट साहब पर जूता और झाड़ू मारकर लोग अपना गुस्सा निकालते हैं। पूरे जिले में इस तरह के तीन जुलूस निकलते हैं जिसके लिए प्रशासन को कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। हुड़दंगियों को कंट्रोल करने के लिए पुलिस प्रशासन को नाकों चने चबाने पड़ते हैं। लेकिन अंत में जुलूस इस तरह निकाला जाता है कि इससे किसी को किसी तरह की परेशानी न हो। हर साल यहां होली के दौरान भारी पुलिस फोर्स तैनात की जाती है। इस बार भी पुलिस बल की कड़ी निगरानी में यह जुलूस निकाला जाएगा। नियम के अनुसार, होली से पहले डीएम और एसपी पीस कमेटियों के साथ निकलकर शांतिपूर्ण जुलूस निकालने की अपील करेंगे।