यूपी के शाहजहांपुर में एक किशोरी की मुसीबत कम होने का नाम नहीं ले रही है। पहले उसका रेप हुआ, फिर उसे घर छोड़ना पड़ा और अब उसने आठ महीने के बच्चे को जन्म दिया है। उसके जीवन की पीड़ा ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है।
Shahjahanpur: शाहजहांपुर के तिलहर मदनापुर की 14 वर्षीय मानसिक रूप से मंदित किशोरी की जिंदगी में दर्द का सिलसिला खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। गुरुवार की रात उसने सीएचसी में समय से पहले एक बच्चे को जन्म दिया। यह वही किशोरी है जिसके साथ कुनिया जमालपुर गांव के बाबू ने दुष्कर्म किया था। आरोपी जेल में है, लेकिन पीड़िता और उसका परिवार अब भी सामाजिक तिरस्कार का बोझ झेल रहा है।
गांव के लोगों के तानों से परेशान होकर मां-बेटी ने अपना घर छोड़ दिया और तिलहर के एक मंदिर में शरण ली। गांव के कुछ संवेदनशील लोग लगातार उन्हें भोजन और सहारा देते रहे। गुरुवार की रात किशोरी की हालत बिगड़ी तो ग्रामीण ही उसे अस्पताल ले गए।
जन्म के बाद मां ने नवजात को अपनाने से मना कर दिया। यह सुनकर अस्पताल प्रशासन हरकत में आया और चाइल्ड हेल्पलाइन व पुलिस को सूचना दी। डॉक्टरों ने बच्चे को इनक्यूबेटर में रखकर उसकी जान बचाने की कोशिश शुरू कर दी।
तिलहर कोतवाल राकेश कुमार ने बताया कि मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने पूरी जानकारी ली और मदनापुर पुलिस को भी अवगत कराया। नवजात की सुरक्षा के लिए गार्ड तैनात कर दिया गया है, जो 24 घंटे निगरानी करेगा।