दो घंटे इंतजार करने पड़ा, उसके बाद जब तीसरी बार फोन किया तो 108 एंबुलेंस के ड्राइवर ने दूरी का हवाला देते हुए आने से मना कर दिया।
शाहजहांपुर। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के भले ही लाख दावे कर रही हो लेकिन सूबे में बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही है। जिसके चलते बदहाली का खामियाजा आम जनता को उठाना पड़ रहा है। कभी कभी बदहाली के शिकार लोगों को अपनी जान तक गवानी पड़ती है। ताजा मामला यूपी के शाहजहांपुर का है। यहां बीमार महिला को इलाज के लिये परिजनों ने पहले 108 पर कई बार कॉल किया लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी एंबुलेंस नहीं पहुंची। हालत बिगड़ती देख चारपाई सहित ट्रक्टर ट्रॉली पर लादकर जिला अस्पताल पहुंचे जहां इलाज के लिए महिला को भर्ती कराया। परिजनों की मानें तो एम्बुलेन्स के इंतजार में मरीज की जान चली जाती। फिलहाल जिले में एक बार फिर बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था की शर्मनाक तस्वीर उजागर हुई है।
दरसल मामला जिले से 30 किलोमीटर दूर तिलहर कोतवाली क्षेत्र का है, यहां के गांव इसमहा निवासी नेत्रपाल की भाभी नन्ही देवी की अचानक तबियत खराब हो गई। हालत गंभीर होने के चलते परिजनों ने तत्काल सेवा के लिये 108 एम्बुलेंस पर फोन किया लेकिन आश्वासन मिलने के बाद परिजन इंतजार करने लगे। एक घंटा बीत जाने के बाद परिजनों ने फिर फोन किया तो बताया गया कि एंबुलेंस दूर है, अभी आने में टाइम लगेगा लेकिन दो घंटे बीत जाने के बाद भी एंबुलेंस मौके पर नहीं पहुंची। मरीज की हालत बिगड़ती देख परिजनों ने मरीज को चारपाई सहित गांव से ट्रैक्टर ट्राली मांग कर लाद लिया और जिला अस्पताल लेकर पहुंचे जहां नन्ही देवी को भर्ती कराया गया जहां उनका इलाज किया जा रहा है। परिजनों की मानें तो खराब स्वास्थ्य व्यवस्था के चलते दो घंटे बीत जाने के बाद भी एंबुलेंस नहीं पहुंची अगर कोई व्यवस्था नहीं होती तो शायद मरीज की जान भी जा सकती थी। फिलहाल भले ही आला अधिकारी स्वास्थ्य महकमे में बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था देने का दावा कर रहे हों लेकिन यह तस्वीर उनके सभी दावों को झुठलाती है।