नवंबर 201६ में नोटबंदी के बाद एटीएम के जो शहर में हालात बने थे उससे हर कोई वाकिफ है। यही हालात एक बार फिर शहर में दिखाई दे रहे हैं।
शाजापुर. नवंबर 201६ में नोटबंदी के बाद एटीएम के जो शहर में हालात बने थे उससे हर कोई वाकिफ है। यही हालात एक बार फिर शहर में दिखाई दे रहे हैं। शहर की लगभग सभी एटीएम मशीने नकदी के बजाए 'नो कैशÓ कहकर लोगों की उम्मीदों पर पानी फेर रही है। नगर में दिनभर यही हालात बने रहे। इधर बैंक प्रबंधन ने भी हाथ खड़े कर दिए।
अभी शादी-ब्याह का सीजन चल रहा है और लोग खरीदी करने शहर पहुंच रहे हैं। ऐसे में अनेक लोग एटीएम के भरोसे रहते हैं। लेकिन एटीएम मशीनों से उन्हें नकदी के बजाए केवल कागज की पर्ची हाथ लग रही है। इसे लेकर लोगों में आक्रोश भी नजर आ रहा है। इस समस्या को लेकर लोगों ने बैंकों में भी संपर्क किया, लेकिन यहां से भी उन्हें निराशा ही हाथ लगी। बैंक प्रबंधन का कहना है कि हमने आरबीआई को पत्र लिखकर इस समस्या से अवगत करा दिया है, लेकिन नकदी की आपूर्ति कब तक होगी इस मामले में उनके पास भी कोई जवाब नहीं है।
दो दर्जन एटीएम , सभी खाली
शहर में विभिन्न बैंकों की दो दर्जन से अधिक एटीएम मशीने हैं, लेकिन किसी में भी पर्याप्त कैश नहीं है। एटीएम पर नकद लेने पहुंचे हिमांशु वर्मा ने बताया कि सुबह 9 बजे से वे केस के लिए भटक रहे हैं, लेकिन किसी भी मशीन से उन्हें नकदी नहीं मिली। इसके बाद वे अन्य बैंकों की मशीनों पर भी इस उम्मीद से पहुंचे कि कम से कम यहां तो उन्हें नकदी मिल जाएगी, लेकिन यहां भी उन्हें निराशा हाथ लगी। एक अन्य उपभोक्ता इकरार खान ने बताया कि वे अपना पैसा बैंक में ही रखते हैं ताकि कहीं से भी एटीएम से पैसे निकालकर अपना काम निकाल सके। लेकिन मंगलवार को जब वे एटीएम पहुंचे तो यहां तैनात गार्ड ने कहा कि मशीन में पैसे नहीं है। अन्य मशीनों में भी जब उन्होंने अपना कार्ड लगाया तो उन्हें नकदी के बजाए नो केस की पर्ची हाथ आई।
एटीएम मशीनों में कैश की कमी है। मशीनों में केस की आपूर्ति की गई थी, लेकिन शादी-विवाह का सीजन होने से जितना केस डाला गया लोगों ने निकाल लिया। आरबीआई को भी पत्र लिखकर समस्या से अवगत करा दिया गया है। कब तक आपूर्ति होगी कुछ कहा नहीं जा सकता।
- चित्रांश निखारे, बैंक प्रबंधक, एसबीआई