
एमपी के सीएम मोहन यादव किसान से बात करने ट्रैक्टर ट्रॉली पर चढ़ गए थे।
mp cm climbs trolley: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री गुरुवार को सुबह से ही एक्शन में हैं। उन्होंने खरगोन जिले के कतरगांव में अचानक गेहूं उपार्जन केंद्र का निरीक्षण किया और किसानों के साथ चाय पर चर्चा भी की। इसके बाद सीएम मोहन यादव शाजापुर जिले में भी पहुंच गए। उन्होंने यहां बाकायदा ट्रॉली पर चढ़कर किसानों से चर्चा की। सीएम के किसानों से बात करने के इस अंदाज का फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
एमपी के सीएम डॉ. मोहन यादव गुरुवार को दोपहर में शाजापुर में थे। मोहन यादव खरगोन से सीधे शाजापुर पहुंचे थे। उन्होंने शाजापुर जिले के मकोड़ी स्थित श्यामा वेयर हाउस का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने गेहूं का वजन भी तुलवाकर देखा। सीएम किसानों से बात करने के लिए ट्रैक्टर ट्रॉली (CM on Tractor Trolley) पर चढ़ गए। उनके इस अंदाज की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल (Viral Photo) हो गई।
शाजापुर से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव (CM Mohan Yadav) गुरुवार को सुबह अचानक खरगोन जिले के कतरगांव में बनाए गए उपार्जन केंद्र के निरीक्षण लिए पहुंचे। इस दौरान उन्होंने उपार्जन की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने यहां किसानों से चर्चा की। इसके अलावा उन्होंने केंद्र से संबंधित लोगों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। बता दें, मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों के लिए उपार्जन केंद्रों पर छाया, बैठक और कई अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की है। अब किसान जिले के किसी भी उपार्जन केन्द्र पर उपज विक्रय कर सकते हैं। इतना ही नहीं, किसानों को गेहूं की तौल के लिए इंतजार नहीं करना पड़े इसके लिए उपार्जन केन्द्रों में तौल कांटों की संख्या बढ़ाकर 6 कर दी गई है। सरकार जिलों में और भी तौल कांटे बढ़ा रही है।
मुख्यमंत्री ने खरगोन में कलेक्टर और मंडी सचिव को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उपार्जन-खरीदी केंद्रों पर पूरे 6 तौल कांटे लगाए जाएं। गेहूं खरीदी के आज से नए मापदंड जारी हुए है वह लागू हो जाएं। किसानों के लिए उपार्जन-खरीदी केंद्रों पर पर्याप्त छाया और शीतल पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हर अन्नदाता को सम्मान और सुविधा के साथ उपज का उचित मूल्य दिलाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उपार्जन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की समस्या का त्वरित निराकरण किया जाए। किसानों के उपज की तौल समय पर हो सके इसके लिए पर्याप्त संख्या में बारदाने, तौल कांटे, सिलाई मशीन, स्लॉट बुकिंग हेतु कंप्यूटर, नेट कनेक्शन, कंप्यूटर ऑपरेटर, आदि व्यवस्थाएं उपार्जन केन्द्र पर हमेशा उपलब्ध रहें। उन्होंने कहा कि सभी केंद्र के सभी 6 तौल कांटों पर निरंतर तुलाई कार्य चलता रहे। उन्होंने केंद्र पर कृषकों की सुविधा के लिए पेयजल, टेंट, बैठक, इत्यादि व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया तथा सुविधाएं बढ़ाने के निर्देश दिए।
Updated on:
30 Apr 2026 02:29 pm
Published on:
30 Apr 2026 02:28 pm
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