18 महीने पहले दिए कनेक्शन, आज तक नहीं केबल भी नहीं डाली
शाजापुर. जिला मुख्यालय से 30 किमी दूर बोलाई ग्राम से 3 किमी दूरी पर बंजारा बस्ती के लोग पिछले 18 माह से बिजली का इंतजार कर रहे हैं। गांव में पोल लग चुके हैं, घरों में मीटर लग गए है, बिजली के बिल भी आ रहे हैं।लेकिन न केबल डली है न ही ग्रामीणों तक बिजली पहुंची है। ऐसे में बच्चों को चिमनी की रोशनी में पढ़ाई करना पड़ रही है और अंधेरों के बीच त्योहार मनाना पड़ता है।
कॉलोनीवासी कैलाशचंद्र बताते हैं कि कॉलोनी में पिछले 18 माह से खंबे गड़े हैं, लेकिन अभी तक तार डाले है न ही केबल, चुनाव आते हैं तो वोट लेने के लिए सभी गांव पहुंचते हैं। चुनाव के बाद कोई झांकने तक नहीं आता है। अंधेेर में कब तक जीवन गुजारे। भीमसिंह बताते है कि गांव के लोगों अटल ज्योति के तहत बिजली कंपनी कार्यालय में कनेक्शन हो चुका है, जिसका बिल भी आता है, लेकिन अभी तक बिजली नहीं दी गई। ग्राम के हिम्मतसिंह बताते हैं बिजली के बगैर कोई काम नहीं होता है, कनेक्शन होने के बाद आज तक गांव में बिजली नहीं आई है। विधायक, कलेक्टर और बिजली कंपनी कार्यालय में अनेकों बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता। बच्चों को अंधेरे में पढ़ाई करना पड़ती है। दीपावली जैसे त्योहार भी हमें अंधेरे में ही मनाना पड़ता है।
कनेक्शन के बाद बिल आने लगे, बिजली नहीं
ग्राम बोलाई रेलवे स्टेशन से ३ किमी दूर बंजारा बस्ती में १७ परिवार में करीब ७०-८० लोग रहते हैं। ये बस्ती रेलवे कॉलोनी के करीब बसी हुई है। रेलवे कॉलोनी तक तो बिजली पहुंचती है, लेकिन बंजारा बस्ती में नहीं। १८ माह पहले गांव में पोल गाड़े गए थे, सभी घरों को कनेक्शन दिए गए थे। लेकिन आज तक इन पोलों पर केबल नहीं डाली गई। ग्रामीण आज भी बिजली के इंतजार में है। खास बात यह है कि ग्रामीणों को बिजली के बिल बकायदा दिए जाते हैं। ग्रामीणों ने भेदभाव का आरोप लगाते हुए, दीपावली पर्व के पहले लाइन डालकर बिजली देने की मांग की है।
रौशनी का पर्व मनेगी अंधेरे में
रोशन का पर्वदीपावली अंधेरे में मने तो त्योहर की पूरी रौनक ही चली जाती है। लेकिन बोलाई रेलवे स्टेशन कॉलोनी के बंजारा बस्ती में बिजली नहीं आने से यहां ग्रामीण अंधेरे में त्यौहार मनाने को मजबूर हैं। इस बस्ती में ज्यादातर गरीब परिवार से हैं। इस बार भी ये गरीब परिवार दीपावली अंधेरे में मनाएंगे, क्योंकि किसी ने इन तक बिजली पहुंचाने का प्रयास नहीं किया। ग्रामीणों का कहना है कि विधायक चुनाव जीतने के बाद लौटकर नहीं आए। जिससे उसकी समस्या का समाधान नहीं निकल पा रहा है। अन्य जनप्रतिनिधि भी वोट मांगकर वापस नहीं लौटते। जिससे बिजली सुविधा का लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है।
गांव में कनेक्शन दे दिए गए है, लेकिन अभी लाइन नहीं डाली गई। सिंचाई के लिए जो लाइन है उससे कुछ देर ग्रामीण बिजली ले लेते हैं। केबल डालने का काम एक सप्ताह में करा दिया जाएगा। जल्दी कार्य करने के लिए ठेकेदार से कहा है। बस्ती में अंधेरा नहीं रहता उन्हें बिजली सिंचाई की लाइन से मिल जाती है।
- एसके भगत, एई बिजली कंपनी