शाजापुर

भक्ति के बीच तेज आवाज बनी आफत: शाजापुर में डीजे के कंपन से मकान की छत गिरी, पंखा-सामान तक टूटा

Loud DJ Sound : भक्ति के बीच तेज शोर क्यों? डीजे की आवाज से छत का हिस्सा गिरा। मंडी में सिविल अस्पताल के पास की घटना। हादसे में पंखा व सामान क्षतिग्रस्त। प्रतिबंध के बावजूद तेज आवाज में बज रहे डीजे, पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल।
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Loud DJ Sound
डीजे की आवाज से छत का हिस्सा गिरा (फोटो सोर्स: Patrika)

Shajapur News :मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले के अंतर्गत आने वाले शुजालपुर में गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान तेज आवाज में बज रहे डीजे से नागरिकों की परेशानी के बीच चौबे मार्ग क्षेत्र में एक मकान की छत का हिस्सा गिर गया। ये मकान शहर के एकमात्र सिविल अस्पताल के पास है। आसपास मरीजों के उपचार और भर्ती की चिकित्सा सुविधाएं भी हैं। ऐसे संवेदनशील क्षेत्र में तेज आवाज में डीजे बजने को लेकर प्रशासनिक निगरानी पर सवाल उठ रहे हैं।

शहर के साहित्यकार स्वर्गीय शरद राव देशमुख की पत्नी एवं भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ पदाधिकारी डां अभिजीत देशमुख की माताजी शैलजा देशमुख इस हादसे में बाल बाल बची। उन्होंने बताया कि, वो शनिवार रात घर में टीवी देख रही थीं। विसर्जन चल समारोह के दौरान डीजे की तेज आवाज के कारण उन्होंने टीवी बंद कर दिया। कुछ देर बाद दूसरे कमरे से धमाके जैसी आवाज आई। वहां पहुंचने पर छत का एक हिस्सा नीचे गिरा मिला। मलबे की चपेट में आकर पंखा और अन्य सामान भी क्षतिग्रस्त हो गया। उनका कहना है कि, डीजे की तेज आवाज के दौरान मकान में कंपन महसूस हो रहा था। उन्होंने डीजे की तीव्र आवाज पर रोक लगाने की मांग की।

2 घंटे तेज आवाज में बजता रहा डीजे

सूत्रों के अनुसार, शनिवार रात पुलिस ने शहर में करीब दो घंटे तक तेज आवाज में बज रहे एक डीजे को कार्रवाई के लिए रोका भी था। हालांकि, बाद में कुछ लोगों के हस्तक्षेप के चलते उसे छोड़ दिए जाने की बात सामने आई है। इस संबंध में पुलिस की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

गणेश विसर्जन के दौरान अधिकांश आयोजकों ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ सादगी और भक्तिभाव से आयोजन किया, लेकिन कुछ स्थानों पर प्रतिबंध के बावजूद डीजे बजने की बात सामने आई। सवाल यह है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील क्षेत्र में इतनी तेज आवाज में डीजे बजने पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

प्रशासनिक अमला असहाय क्यों?

जिला मुख्यालय पर कलेक्टर और एसपी व्यवस्थाओं को लेकर लगातार प्रयास कर रहे हैं तथा पुलिसिंग में नए प्रयोग किए जा रहे हैं। इसके बावजूद शुजालपुर में कानून, यातायात सहित नियमों के उल्लंघन की स्थितियां लगातार सामने आती रही हैं। विसर्जन के दौरान प्रतिबंध के बावजूद कुछ स्थानों पर तेज आवाज में डीजे बजना स्थानीय प्रशासन और पुलिस की निगरानी पर सवाल खड़े करता है।

ये जिम्मेदारी किसकी?

धार्मिक आयोजन श्रद्धा और भक्ति का विषय हैं। अधिकांश आयोजकों ने ये साबित भी किया कि, बिना तेज शोर के उत्सव पूरे भक्तिभाव से मनाया जा सकता है। किसी के मनोरंजन का माध्यम मरीजों, बुजुर्गों, बच्चों और आसपास रहने वाले नागरिकों की परेशानी का कारण न बने, इसकी जिम्मेदारी आयोजकों के साथ प्रशासन की भी है।

Updated on:
27 Sept 2026 04:37 pm
Published on:
27 Sept 2026 04:27 pm