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‘समय पर डॉक्टर देख लेते तो बच जाती..’, गुना में महिला की मौत के बाद अस्पताल से सड़क तक हंगामा

Balaji Hospital Case: अस्पताल में भर्ती महिला की मौत के बाद परिजन ने जमकर बवाल मचाया। अस्पताल में तोड़फोड़, एबी रोड पर शव रखकर चक्काजाम किया। बालाजी नर्सिंग होम की घटना, परिजन ने डॉक्टर पर लगाया लापरवाही का आरोप। 2 घंटे थमे रहे वाहनों के पहिए।
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Balaji Hospital Case

अस्पताल के बाहर प्रदर्शन करते परिजन (फोटो सोर्स: Patrika)

Guna News : मध्य प्रदेश के गुना में रविवार को उस समय हंगामा हो गया, जब यहां स्थित बालाजी हॉस्पिटल में भर्ती एक महिला की मौत हो गई। परिजन ने डॉक्टर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए पहले अस्पताल में तोड़फोड़ की। इसके बाद ओवरब्रिज पर चक्काजाम कर दिया। लगभग दो घंटे तक जाम रहा। अधिकारियों की समझाइश के बाद जाम खुल सका।

दरअसल आरोन इलाके के भादौर की रहने वाली राजकुमारी बाई (26) की तबीयत खराब थी। 16 सितंबर को उसे बालाजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। यहां डॉक्टरों ने उसे खून की कमी बताई। इसके बाद उसे चार यूनिट ब्लड चढ़ाया था। 21 सितंबर को उसकी तबियत ठीक होने पर उसे डिस्चार्ज कर दिया गया।

परिजन ने अस्पताल में की तोड़फोड़

शनिवार शाम उसकी फिर तबियत बिगड़ गई। परिजन उसे लेकर वापस बालाजी हॉस्पिटल पहुंचे। परिजन का आरोप है कि, अस्पताल पहुंचने पर भी उसका इलाज शुरू नहीं किया गया, न ही किसी डॉक्टर ने उसे देखा। रात में ही उसकी मौत हो गई। परिजन का कहना था कि, जब उसे अस्पताल लाए थे, तब उसकी सांसें चल रही थीं। सुबह डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद गुस्साए परिजन ने अस्पताल में तोड़फोड़ कर दी। वेंटीलेटर गिरा दिया। रिसेप्शन पर रखे कंप्यूटर को नीचे गिरा दिया। वहीं परिसर में रखे कूलर को भी तोड़ दिया।

एबी रोड ओवरब्रिज पर चक्काजाम

परिजन यही नहीं रुके इसके बाद बॉडी लेकर एबी रोड स्थित ओवरब्रिज पहुंचे और यहां चक्काजाम कर दिया। परिजन ने बाइक रखकर सड़क बंद कर दी। इससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं। सूचना पर कोतवाली थाना प्रभारी राजकुमार शर्मा सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचा। उन्होंने परिजन को समझे दी, लेकिन परिजन नहीं माने।

परिजन का आरोप

परिजन का कहना था कि कई घंटों तक अस्पताल के बाहर खड़े रहे। इसके बाद भी डॉक्टरों ने नहीं देखा। जब हालत खराब थी, तो डॉक्टरों को रेफर कर देना था, हम बाहर ले जाते। परिजन डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। इसके बाद तहसीलदार भी मौके पर पहुंची। उन्होंने परिजनों को समझाइश दी और जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया। तब कहीं जाकर परिजनों माने और शव को पीएम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया।