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वकीलों की आड़ में एमपी हाईकोर्ट में घूम रहे संदिग्ध, शुरु हुआ धरपकड़ अभियान

High Court Fake Lawyers : उच्च न्यायालय में अवैध प्रवेश करने वाले कथित फर्जी वकीलों के खिलाफ सीनियर वकीलों ने मोर्चा खोल दिया है। परिसर में संदिग्ध नजर आने वाले लोगों से पूछताछ कर उनकी आईडी जांच की जा रही है।
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High Court Fake Lawyers

वरिष्ठ वकीलों ने शुरु किया धरपकड़ अभियान (फोटो सोर्स : Patrika)

Jabalpur News : जबलपुर में स्थित मध्य प्रदेश हाईकोर्ट परिसर में कथित फर्जी वकीलों की मौजूदगी को लेकर अब सीनियर अधिवक्ताओं ने बड़ा मोर्चा संभाल लिया है। कोर्ट परिसर में आने वाले संदिग्धों की पहचान और उनकी आईडी की जांच की जा रही है। बार एसोसिएशन के पदाधिकारी अदालत परिसर में वकील नजर आने वाले संदिग्ध लोगों से पूछताछ कर रहे हैं।

अभियान के तहत अदालत के वरिष्ठ अधिवक्ताओं द्वारा ऐसे कई लोगों से उनकी पहचान और अदालत परिसर में आने का कारण पूछा गया, जो जरा भी संदिग्ध गे।। जांच के दौरान कुछ नवागत विधि छात्र भी सामने आए, जिसके चलते उन्हें निर्धारित पोशाक में अदालत परिसर आने की हिदायत दी गई।

नियमों का पालन जरूरी

इस संबंध में पदाधिकारियों द्वारा स्पष्ट किया गया कि, अदालत परिसर में अधिवक्ताओं की निर्धारित वेशभूषा और पहचान से जुड़े नियमों का पालन करना जरूरी है। बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि, अदालत परिसर में कुछ संदिग्ध लोग वकीलों की आड़ लेकर घूमते रहते हैं। आरोप है कि, ऐसे लोग कोर्ट में आने वाले पक्षकारों और अन्य लोगों को गुमराह करने का प्रयास भी करते हैं। इससे न सिर्फ न्यायिक परिसर की व्यवस्था विगड़ती है, बल्कि आम लोगों के साथ धोखाधड़ी की आशंका भी बढ़ती है।

दर्ज किए गए कई प्रकरण

पदाधिकारियों का कहना है कि, पहले भी अदालत परिसर से फर्जी वकीलों को पकड़ा जा चुका है। कुछ मामलों में पुलिस में शिकायत और प्रकरण भी दर्ज हुए हैं। इसी को देखते हुए अब परिसर में पहचान सत्यापन और संदिग्ध लोगों की निगरानी का अभियान शुरू किया गया है।

अदालत परिसर की गरिमा-सुरक्षा बनाने की जा रही जांच

बार एसोसिएशन के अनुसार, अभियान का उद्देश्य अदालत परिसर में सिर्फ अधिकृत अधिवक्ताओं, विधि छात्रों और संबंधित लोगों की मौजूदगी सुनिश्चित करना है। साथ ही, ऐसे लोगों पर नजर रखना है, जो वकील बनकर अदालत आने वाले लोगों को किसी तरह का झांसा दे सकते हैं। पदाधिकारियों ने ये भी कहा कि, अदालत परिसर की गरिमा और सुरक्षा बनाए रखने के लिए पहचान की जांच का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। संदिग्ध गतिविधि मिलने पर संबंधित व्यक्ति से पूछताछ के साथ जरूरत पड़ने पर कार्रवाई के लिए पुलिस को भी सूचना दी जाएगी।