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घटिया खाने का विरोध करने पर छात्र की पिटाई, गुना में भड़के छात्रों ने की प्रिंसिपल हटाने की मांग

Navodaya Vidyalaya Students Protest : नवोदय विद्यालय में हाई-प्रोफाइल ड्रामा: घटिया खाने के विरोध पर प्रिंसिपल ने छात्र को पीटा, गुस्साए छात्रों ने कमरा बंद कर किया विरोध। कलेक्टर ने बैठाई मामले की जांच।
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Navodaya Vidyalaya Students Protest

नवोदय विद्यालय गुना (फोटो सोर्स: Patrika)

वीरेंद्र जोशी की रिपोर्ट

Guna News : मध्य प्रदेश के गुना जिले के बजरंगगढ़ स्थित नवोदय विद्यालय में छात्रों ने हंगामा कर दिया। घटिया खाने के विरोध पर प्रिंसिपल द्वारा 10वीं के एक छात्र की बेरहमी से की गई पिटाई के बाद छात्र भड़क गए। प्राचार्य को हटाने की मांग पर अड़े 9वीं से 12वीं तक के छात्रों ने खुद को हॉस्टल में अंदर से बंद कर जमकर हंगामा किया। इस दौरान छात्रों ने प्रिंसिपल को नहीं हटाए जाने तक हॉस्टल के अंदर ही सामूहिक तौर पर बंद रहने और खुद को नुकसान पहुंचाने जैसी धमकी तक दे डाली। मामला गरमाने के बाद कलेक्टर ने कमेटी गठित कर जांच के लिए भेजी है।

घटना की जानकारी स्कूल प्रबंधन ने नवोदय अध्यक्ष कलेक्टर को दी। कलेक्टर की सूचना पर पहुंचे नायब तहसीलदार नरेंद्र सिंह यादव और थाना प्रभारी कृपाल सिंह परिहार के बिलखते हुए बच्चों को समझाने में पसीने छूट गए। करीब डेढ़ घंटे तक किसी तरह से छात्रों को समझा- बुझाकर भरोसे में लिया और गेट खुलवाए। तब कहीं जाकर हंगामा शांत हुआ। घटनाक्रम रविवार शाम चार से रात 8 बजे तक चला। हैरानी की बात यह है कि, इस मामले को विद्यालय प्रबंधन से लेकर जिम्मेदार दबाए बैठे गए। मामला भोपाल तक पहुंचने से हडक़ंप मच गया।

ये है पूरा मामला

नवोदय विद्यालय के छात्रों के अनुसार, 10वीं के एक छात्र ने संस्था में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए अपने घर फोन करके खाना मंगवाया था। जैसे ही उक्त छात्र को भाई रविवार शाम को खाना लेकर स्कूल पहुंचा तो प्रिंसिपल एच.के मीणा ने इस पर कड़ा एतराज जताते हुए न सिर्फ खाना वापस लौटा दिया, बल्कि उक्त छात्र को लैब में लेकर उसके साथ बेरहमी से जमकर मारपीट की। पिटाई से घबराया छात्र बुरी तरह से रोता-बिलखता हुआ अपने हॉस्टल आया और अपने सहपाठियों को पूरी आपबीती सुनाते हुए प्रिंसिपल की मनमानी और तानाशाही के खिलाफ एकजुट होने की दुहाई दी।

इससे कक्षा 9 से लेकर 12वीं तक के करीब 360 छात्र एक साथ प्रिंसिपल के खिलाफ लामबंद हो गए और खाने का बहिष्कार कर दिया। साथ ही, खुद को हॉस्टल में बंद कर हंगामा शुरु कर दिया। सूचना पर गेट खुलवाने पहुंचे स्कूल शिक्षकों से प्रिंसिपल को हटाने की जिद पर अड़ गए और सामूहिक खुदकुशी कर धमकी देने लगे। इसकी सूचना स्कूल प्रबंधन ने संस्था अध्यक्ष कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल को दी गई। सूचना पर शाम 6.30 बजे पहुंचे नायब तहसीलदार नरेंद्र यादव, बजरंगगढ़ थाना प्रभारी कृपाल सिंह परिहार ने किसी तरह से छात्रों को भरोसे में लिया और तब कहीं जाकर रात 8 बजे बच्चों से गेट खुलवाने में सफलता मिली। साथ ही, छात्रों को मनाकर खाना खिलवाया गया।

कलेक्टर ने भेजी टीम, दर्ज कराए बयान, खाने के सैंपल भी लिए

कलेक्टर कन्याल ने नायब तहसीलदार यादव, बीआरसी अशोक जोशी, शिक्षा विभाग के गोपाल शर्मा व खाद्य सुरक्षा अधिकारी नवीन जैन की संयुक्त टीम भेजी। टीम ने खाने के सैंपल लिए और सभी बच्चों के एक बंद कमरे में बात कर सभी के बयान दर्ज किए। वहीं, कलेक्टर की सूचना पर नवोदय संस्थान के क्षेत्रीय कार्यालय से असिस्टेंट डायरेक्टर गरिमा सुप्रिया भी अपनी टीम के साथ पहुंची। उन्होंने मामले में पीड़ित छात्र समेत कई छात्रों के बयान दर्ज किए।

क्या कहते हैं कलेक्टर?

मामले में गुना कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल का कहना है कि, बच्चे प्राचार्य से नाराज थे, उन्होंने इसलिए खुद को कमरे में बद कर लिया था। हमने तुरंत टीआई और तहसीलदार को भेजकर स्थिति संभलवाई। नवोदय संस्थान के आरएम ऑफिस से भी टीम आई थी, उन्होंने भी जांच की है। कार्रवाई उन्हें ही करना है। हमने भी जांच कराई हैं, हम अपना प्रतिवेदन भी उन्हीं को भिजवा रहे हैं।