
शाजापुर.
गौवंश के लिए हर समय सेवा देने वाले गौरक्षकों की टीम ने बुधवार को वाहन में ठूंस-ठूंसकर भरकर ले जाए जा रहे १० गौवंश को छुड़वाया। इसके बाद खुद ही वाहन को कोतवाली ले गए और शिकायत दर्ज कराई। गौवंश को गौरक्षक अपने साथ गौशाला लेकर आए, यहां इनकी देखभाल का भी जिम्मा उठाया। पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
बुधवार सायं गौरक्षक टीम के कुछ सदस्यों की नजर एक वाहन पर पड़ी, जिसमें गोवंश नजर आए। इस पर गौरक्षकों ने उस वाहन का पीछा किया। जब वाहन चालक को अपने पीछे गौरक्षकों के आने की जानकारी लगी तो उसने एबी रोड स्थित पेट्रोल पंप पर अपना वाहन खड़ा किया और अपने एक अन्य साथी के साथ वाहन छोडक़र वहां से भाग खड़ा हुआ। जब गौरक्षक वहां पहुंचे तो वाहन में गोवंश भरे थे और चालक-परिचालक फरार हो गए थे। टीम के सदस्यों ने पहले तो वाहन में ठूंस-ठूंसकर भरे 10 केड़ों को बाहर निकाला और खुद वाहन चलाकर कोतवाली जा पहुंंचे। जहां शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद सभी गौवंश को लेकर गौशाला पहुंचे, जहां इनकी देखभाल की जा रही थी। गोरक्षा टीम सदस्य धर्मेंद्र पिता राधेश्याम शर्मा की शिकायत पर गोवंश अधिनियम कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज किया है। वहीं १० केड़े, एक मिनी ट्रक जब्त किया गया। आरोपी फरार है।
एक घंटे बाद हुई एफआईआर
गोरक्षा टीम सदस्यों ने ट्रक को पकडक़र स्वयं ट्रक चलाकर थाने ले गए। इसके बाद थाने में शिकायत दर्ज कराई लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं की जा रही थी। करीब एक घंटा बीतने के बाद गोरक्षकों ने एसपी को फोन लगाया जिसके बाद एफआईआर दर्ज की गई।
गोरक्षा टीम ने दिखाई सक्रियता
बता दें कि शहर में गोरक्षा टीम हर समय सक्रीय रहती है। शहर में कहीं भी किसी भी वक्त गोवंश बीमार या घायल हालत में होने पर शहर की गोरक्षा टीम तत्काल पहुंचकर गायों का उपचार कराती है और उन्हें गोशाला में छोड़ती है। बुधवार को गोरक्षा टीम की सक्रीयता के चलते गोवंशों से भरा ट्रक पकड़ा गया।