यात्रियों को बना रहता है दुर्घटना का डर, सर्विस रोड की बजाए फोरलेन पर उतर रहे सवारी, लम्बी दूरी भी तय करना पड़ती है ग्राम नैनावद के रहवासियों को
शाजापुर
बस चालकों की मनमानी कभी यात्रियोंं पर भारी पड़ सकती है। आए दिन ओव्हर लोड रहने वाली बसों में अनेक यात्री खड़े-खड़े सफर करते हैं। वहीं बस ऑपरेशन मनचाही जगह पर यात्रियों को उतार देते हैं, जिससे यात्रियों को दुर्घटना का डर बना रहता है।
जिला मुख्यालय से ९ किमी दूर हाईवे पर स्थित ग्राम नैनावद के रहवासी भी इसी तरह की परेशानी से जुझ रहे हैं। आगरा-मुम्बई रोड फोरलेन होने के बाद ग्राम नैनावद के सामने ब्रिज बनाया गया, वहीं ग्रामवासियों के लिए दोनों ओर सर्विस रोड छोड़े गए, ताकि ग्राम की सवारी को उतारने-चढ़ाने के लिए व आने-जाने के लिए सुविधा मिल सके। लेकिन बस ऑपरेटर नैनावद की सवारी को फोरलेन पर ही उतार देते हैं। जिससे ग्रामवासियों को दुर्घटना का डर रहता है, वहीं ग्राम तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी भी तय करना पड़ती है। बस ऑपरेटर बस को ग्राम के सर्विस रोड़ पर नहीं ले जाते, जिससे ग्रामीण परेशान भी है। ग्राम नैनावद के निलेश परमार, राशिद पठान, साजिद पठान, शांतिलाल परमार आदि ने बताया कि बस चालक अपनी मनमानी करते हैं। जो बस को सर्विस रोड पर नहीं ले जाते और सवारी को घाटी के पास छोड़ते हैं। जिससे एक किमी का सफर तय करना पड़ता है। ऐसे में किसी ग्रामीण के पास कोई सामान हो तो उसे काफी परेशानी आती है।
स्कूल के विद्यार्थी भी परेशान
ग्रामीणों ने बताया कि बस ऑपरेटरों की मनमानी के चलते स्कूल आने-जाने वाले बच्चें भी परेशान होते है। जिसको लेकर अनेक बार ग्रामीण और बस ऑपरेटरों के बीच तूतू-मैंमैं भी हो चुकी है। ग्रामीणों ने बताया शाजापुर या उज्जैन जाने वाले विद्यार्थियों को भी एक किमी दूर उतारा जाता है, जबकि सर्विस रोड से बसे गुजरेंगी तो ग्रामीणों व विद्यार्थियों को परेशानी नहीं होगी।